पिता रद्दी बेच कर घर चलाते हैं, मां स्कूल में मेड का काम करती है लेकिन बेटी ने टॉप कर उनका नाम रोशन कर दिया है, देखिए
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पिता कबाड़ी हैं, बेटी को मिले 92 प्रतिशत
सीबीएसई की ओर से घोषित बारहवीं के नतीजे में पंजाब के लुधियाना के केवीएम स्कूल सिविल लाइन की छात्रा लक्ष्मी ने आर्ट्स में 92 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। लक्ष्मी के पिता शिव सागर रद्दी बेचने का काम कर घर चलाते हैं, जबकि मां रमा न्यू जीएमटी स्कूल में मेड का काम करती है।
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पिता कबाड़ी हैं, बेटी को मिले 92 प्रतिशत
वह तीन बहनें और एक भाई है। भाई पिता के साथ ही रद्दी का काम करता है। इसके अलावा पढ़ाई भी करता है। लक्ष्मी ने बताया कि उसने आठवीं तक की परीक्षा हिंदू पुत्री पाठशाला से की है। आठवीं में 89 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे, जिसके आधार पर केवीएम स्कूल ने उसे अडॉप्ट किया।
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पिता कबाड़ी हैं, बेटी को मिले 92 प्रतिशत
शुरुआत में पढ़ाई मुश्किल लगी क्योंकि एकदम से हिंदी से अंग्रेजी मीडियम में आ कर पढ़ाई करनी थी। पढ़ाई का बेस बनाने में डेढ़ साल लग गया। स्कूल में टीचर्स एक्सट्रा क्लास लगाते थे। स्कूल प्रिंसिपल नवीता पुरी ने बताया कि वह लक्ष्मी को आगे पढ़ाई में मदद करेंगे और कोई प्रोफेशनल कोर्स भी करवाएंगे।
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CBSE Result
पैसों की दिक्कत से स्कूल कम आती थी : नेहा गौतम
केवीएम स्कूल सिविल लाइन की छात्रा नेहा गौतम ने आर्ट्स में 82 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। केेवीएम स्कूल की ओर से नेहा गौतम को भी अडोप्ट किया गया है। आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई उसने हिंदू पुत्री पाठशाला से की है। पिता रुलदू गौतम कारपेंटर का काम करते हैं जबकि माता पूनम गृहिणी है। पैसों की तंगी के कारण घर से स्कूल तक का सफर भी तय करना मुश्किल था। इसलिए कभी कभी स्कूल आती थी। हिंदी से अंग्रेजी मीडियम में आना मुश्किल लगा। धीरे धीरे पढ़ाई में बेस मजबूत किया। टीचर्स का पूरा सहयोग रहा।
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जो पढ़ाते, रिकार्ड कर सुनता था गुरबख्श
जो पढ़ाते, रिकार्ड कर सुनता था गुरबख्श
सीबीएसई की बारहवीं की परीक्षा में ब्लाइंड छात्र गुरबख्श सिंह ने आर्ट्स में 88 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। गुरबख्श के पिता हरदीप सिंह ने बताया कि आठवीं कक्षा तक वह हंबड़ा रोड स्थित ब्लाइंड स्कूल में पढ़ा है। आठवीं से बारहवीं तक गुरु नानक पब्लिक स्कूल सराभा नगर से पढ़ाई की है। उन्होंने बताया कि गुरबख्श बचपन से ही ब्लाइंड है।
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जो पढ़ाते, रिकार्ड कर सुनता था गुरबख्श
स्कूल जाने और छोड़ने के लिए स्पेशल स्कूल वैन भी लगी हुई है। स्कूल प्रिंसिपल मोना सिंह ने भी पूरा सहयोग दिया है। लाइब्रेरी में एक्सट्रा क्लास लगाई जाती। जो पढ़ाया जाता उसे सब्जेक्ट वाइज रिकार्डिंग दी जाती। जिसे वह घर पर आकर सुनता था।
रिजल्ट के बाद विद्यार्थियों के चेहरे खिल गए
- फोटो : फाइल फोटो
गुरबख्श बीए-एलएलबी करना चाहता है। इसके लिए क्लैट और पंजाब यूनिवर्सिटी का एग्जाम भी दिया है। वह खुद जीएनई कालेज पालीटेक्निक में कंप्यूटर विभाग में है। गुरबख्श की माता सुखप्रीत कौर डेहलों स्कूल में लेक्चरार हैं।