शहीद-ए-आजम भगत सिंह ने जिस पिस्तौल से जॉन सांडर्स पर गोली चलाई थी, वह आम लोगों के देखने के लिए म्यूजियम में रख दी गई है। देखिए
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BSF म्यूजियम में रखी गई भगत सिंह की पिस्तौल
शहीद-ए-आजम भगत सिंह की पिस्तौल नंबर-168896 रविवार को बीएसएफ के अधिकारियों की मौजूदगी में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय हुसैनीवाला बार्डर पर बने बीएसएफ के म्यूजियम में रखी गई।
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BSF म्यूजियम में रखी गई भगत सिंह की पिस्तौल
इससे पहले यह पिस्तौल जालंधर में बीएसएफ के हेड क्वार्टर में थी। मालूम हो कि फिरोजपुर के तूड़ी बाजार स्थित क्रांतिकारियों के गुप्त ठिकाने में क्रांतिकारी जय गोपाल ने भगत सिंह के पास यह पिस्तौल देखी थी।
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BSF म्यूजियम में रखी गई भगत सिंह की पिस्तौल
भगत सिंह ने यह पिस्तौल सांडर्स की हत्या में इस्तेमाल किया था। इस पिस्तौल की शिनाख्त जय गोपाल ने अदालत में भी की थी।
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BSF म्यूजियम में रखी गई भगत सिंह की पिस्तौल
खोजी लेखक राकेश कुमार ने बताया कि भगत सिंह की पिस्तौल से चली गोली से जिन अंग्रेज अधिकारियों की मौत हुई थी, गोली के मिले खोल पिस्तौल नंबर-168896 से ही चले हैं इसकी जांच लंदन के बंदूक विशेषज्ञ रोर्बट चर्चिल ने की थी। उसके बाद भगत सिंह को सजा हुई थी।
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BSF म्यूजियम में रखी गई भगत सिंह की पिस्तौल
लेखक ने बताया कि भगत सिंह की पिस्तौल आठ अप्रैल 1929 को दिल्ली असेंबली हाल में बम फेंकने के दौरान बरामद हुई थी। यह .32 बोर का एक आटोमेटिक पिस्तौल है जिसका नंबर-168896 था।
इस पिस्तौल को बंदूकों के माहिर रोर्बट चर्चिल के पास लंदन में जांच के लिए भेजा गया था। चर्चिल ने 26 जून 1930 को लाहौर आकर जज जीसी हिलटन के समक्ष अपने बयान दिए थे कि सांडर्स कत्ल के समय बरामद हुई गोलियां व खोल इसी पिस्तौल से चले थे।