फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंचकूला की दृष्टि गुप्ता देशभर में सेकेंड टॉपर, पढ़ें ट्राइसिटी के 10 टॉपर्स की सफलता की कहानी

Tue, 07 May 2019 01:39 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/पंचकूला
विज्ञापन
1 of 11
सीबीएसई 10 वीं के परिणाम घोषित
सीबीएसई ने सोमवार को दसवीं के परिणामों की घोषणा कर दी। पंचकूला सेक्टर-15 स्थित भवन विद्यालय की स्टूडेंट दृष्टि गुप्ता 498 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया सेकेंड टॉपर के साथ ट्राइसिटी की टॉपर बनी हैं।

इसी स्कूल के हितेश्वर शर्मा, मोरनी रोड स्थित होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल की ऋषिका चौधरी और चंडीगढ़ सेक्टर-31 स्थित केंद्रीय विद्यालय के श्रीधर वशिष्ठ 497 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया थर्ड टॉपर के साथ ट्राइसिटी के सेकेंड टॉपर रहे।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 11
cbse update
वहीं, पंचकूला भवन विद्यालय की तान्या, चंडीगढ़ सेक्टर-9 स्थित कार्मल कान्वेंट की अनुष्का सेट्ठी, सेक्टर-27 स्थित भवन विद्यालय की विश्रुति, सेक्टर-27 स्थित मोतीराम आर्य स्कूल के अमीश, मनीमाजरा स्थित डीसी मांटेसरी स्कूल की अमानी तक्षक, सेक्टर-44 स्थित सेंट जोसेफ स्कूल की अमीशा कंवर संयुक्त रूप से ट्राइसिटी में तीसरे नंबर पर छह विद्यार्थी रहे हैं। स्टूडेंट्स द्वारा अच्छे रैंक प्राप्त करने से जहां अभिभावकों में खुशी की लहर है, वहीं स्कूल प्रबंधन भी फूला नहीं समा रहा है।
विज्ञापन

3 of 11
दृष्टि गुप्ता
कामयाबी के लिए सोशल मीडिया से रहें दूर: दृष्टि
ऑल इंडिया में सेकेंड और ट्राइसिटी की टॉपर सेक्टर-15 स्थित भवन विद्यालय की स्टूडेंट दृष्टि गुप्ता ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि इतने अच्छे अंक मिलेंगे। हालांकि उन्होंने मेहनत में कोई कमी नहीं छोड़ी थी। दृष्टि ने कहा कि वह रेगुलर स्टडी करती थीं और उन्हें अपनी मेहनत पर पूरा विश्वास था। वह अपना रोल मॉडल अभिभावकों को मानती हैं। उन्हें सोशल मीडिया पर ऑनलाइन रहना बिलकुल भी पसंद नहीं। वह आगे नॉन मेडिकल से पढ़ाई करेंगी। एस्ट्रोनॉमी करने का प्लान है।

4 of 11
हितेश्वर शर्मा
पिता की सलाह से मिली कामयाबी: हितेश्वर
ऑल इंडिया में थर्ड और ट्राइसिटी के सेकेंड टॉपर हितेश्वर शर्मा ने अपनी कामयाबी का पूरा श्रेय पिता को दिया। जब उनका क्रिकेट अकादमी के लिए सेलेक्शन हो रहा था तो पिता ने कहा था कि अभी पूरा ध्यान पढ़ाई पर रखो। पिता की बात को मानकर उन्होंने पढ़ाई पर ध्यान दिया और आज कामयाबी के शिखर पर हैं। हितेश्वर अपना रोल मॉडल हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के इस्टेट ऑफिसर पिता आशुतोष राजन को मानते हैं और वह उन्हीं की तरह सरकारी ऑफिसर बनकर समाजसेवा करना चाहते हैं। हितेश्वर ने कहा कि उन्हें मोबाइल का इस्तेमाल बिल्कुल पसंद नहीं है।
विज्ञापन

5 of 11
ऋषिका चौधरी
आईएएस ऑफिसर बनकर देश सेवा करना चाहती हूं : ऋषिका
ऑल इंडिया में थर्ड और ट्राइसिटी के सेकेंड टॉपर ऋषिका चौधरी ने कहा कि उन्हें खेलने के साथ पेंटिंग का भी शौक है, लेकिन वह पढ़ाई में किसी तरह की कोई कोताही नहीं बरततीं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षक और माता-पिता को दिया। ऋषिका आईएएस ऑफिसर बनकर देशसेवा करना चाहती हैं। ऋषिका ने बताया कि उनके पिता अरविंद तोमर सार्थक मॉडल गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-12ए में फिजिक्स के लेक्चरर और उनकी माता प्रेरणा चौधरी जीएसएसएस सेक्टर-7 पंचकूला में इतिहास की लेक्चरर हैं।
विज्ञापन

6 of 11
श्रीधर वशिष्ठ
पूरे साल पढ़ाई करके ही हासिल हो सकते हैं अच्छे अंक : श्रीधर वशिष्ठ
ऑल इंडिया में थर्ड और ट्राइसिटी के सेकेंड टॉपर श्रीधर वशिष्ठ का मानना है कि किसी भी परीक्षा में अच्छे नंबर लाने हैं तो आंख बंद कर अध्यापकों का कहना मानो। श्रीधर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं और आईआईटी बांबे में दाखिला पाने के लिए मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां एम. ज्योति को दिया। उनका कहना है कि 10वीं के परीक्षा में अच्छे नंबर लाने के लिए पूरे साल पढ़ाई करनी होगी, ऐसा नहीं कि सोचना चाहिए कि आखिरी के महीनों में पढ़कर टॉप कर सकते हैं। श्रीधर सोशल मीडिया का इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं करते हैं।
विज्ञापन

7 of 11
छात्र अमीश
कभी भी अंकों का टारगेट लेकर न करें पढ़ाई : अमीश
496 अंकों के साथ अमीश दसवीं में ट्राइसिटी में तीसरे नंबर पर हैं। अनीश के पिता ब्रह्म प्रकाश बीएसएफ में हैं जबकि उनकी माता पूनम यादव चंडीगढ़ पुलिस में कार्यरत हैं। मनीमाजरा रहने वाले अमीश का कहना है कि कभी भी स्ट्रेस लेकर नहीं पढ़ना चाहिए। कहा कि, कभी भी अंकों का टारगेट लेकर पढ़ाई नहीं करना चाहिए। अमीश आईएएस ऑफिसर बनना चाहते हैं। अमीश को क्रिकेट पसंद है और वह सोशल मीडिया का इस्तेमाल काफी कम करते हैं।

8 of 11
परिवार के साथ छात्रा विश्रुति
अपने आप पर रखें विश्वास, सफलता कदम चूमेगी : विश्रुति
सीबीएसई दसवीं में 496 अंक लाने वालीं विश्रुति ट्राइसिटी में तीसरे नंबर पर रही हैं। उनका कहना है कि यदि अपने आप पर विश्वास है तो कोई भी काम बड़ा नहीं है। मेरे पिता इंदरजीत गर्ग और अनु दोनों ने मुझे पूरा सपोर्ट किया है। स्कूल के शिक्षकों की मेहनत और मेरे दृढ़ संकल्प ने मुझे सफलता दिलाई है। सोशल मीडिया का उपयोग छात्रों को जरूरत के हिसाब से करना चाहिए।

9 of 11
साक्षी बत्रा
एनसीईआरटी की किताबों को ही अच्छे से पढ़ें : साक्षी बत्रा
सीबीएसई दसवीं में 496 अंक लाने वाली साक्षी बत्रा भी ट्राइसिटी में थर्ड टॉपर हैं। उनका कहना है कि छात्र परेशान रहते हैं कि क्या पढ़ें। मेरा मानना है कि छात्र केवल एनसीईआरटी की किताब पढ़ते रहें। इसके अलावा बाहर से कुछ नहीं आता। मेरे भाई ने मुझे समर्थन दिया तो इस मुकाम पर हूं। सोशल मीडिया का उपयोग मैं नहीं करती और न अन्य छात्रों को इसका उपयोग करने की सलाह दूंगी।

10 of 11
अमानी तक्षक
रोजाना पढ़ाई कर ही आ सकते हैं अच्छे अंक: अमानी तक्षक
दसवीं में 99.2 फीसदी अंक हासिल करने वाली अमानी भी ट्राइसिटी में तीसरे नंबर पर हैं। उनके पिता सुरेंद्र तक्षक भारतीय खाद्य निगम चंडीगढ़ में डीजीएम हैं और मां सोनिका तक्षक आईटीआई कालका में प्रिंसिपल हैं। अमानी कहती हैं कि आईआईटी की तैयारी के बाद आईएएस बनने की इच्छा है। उन्होंने एनसीईआरटी की किताबों को पढ़ा। इसके अलावा सैंपल पेपर हल किए और रेगुलर पढ़ाई की। बताया, एग्जाम के समय दस से 12 घंटे पढ़ाई करती थी। वह सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करती हैं। 
विज्ञापन

11 of 11
अनुष्का सेठी
सालभर पढ़ाई की, मां मेरी रोल मॉडल : अनुष्का सेठी
दसवीं में 99.2 फीसदी अंक हासिल करने वाली अनुष्का सेठी भी ट्राइसिटी में तीसरे नंबर पर हैं। उनके पिता डॉ. सुनील सेठी पीजीआई में प्रोफेसर हैं। मां आशिता सेठी शिक्षिका हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी में कम अंक को लेकर चिंतित थीं लेकिन इसी विषय में जब 100 अंक मिले तो बेहद खुशी हुई। उन्होंने कहा कि वह इंजीनियर बनना चाहती हैं। उन्होंने शुरू से एग्जाम की तैयारी की थी। चार से पांच घंटे पढ़ती थीं। कोचिंग का सहारा लिया था। उनकी मां मेरी रोल मॉडल हैं। वह आईआईटी से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करना चाहती हैं। वह सोशल मीडिया का प्रयोग नहीं करतीं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें