हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के भतीजे आकांक्ष सेन हत्याकांड मामले में एक नया मोड़ आ गया है। इससे केस के सच सामने आ सकते हैं। दरअसल, मामले की जांच अब सीबीआई करेगी। इस मामले की सीबीआई जांच के लिए दाखिल की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान यूटी प्रशासन ने यह जानकारी हाईकोर्ट को दी।
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अकांक्ष के हत्यारोपियों का लुकआउट नोटिस
- फोटो : अमर उजाला
प्रशासन ने बताया कि इसके लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने आदेश जारी कर दिए हैं। हालांकि सीबीआई के वकील ने इसकी जानकारी होने से इनकार कर दिया और कहा कि इस बारे में अथॉरिटी से उचित निर्देश प्राप्त होने के बाद ही वे कोर्ट में कुछ कह सकते हैं। गौरतलब है कि आकांक्ष सेन को चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में एक बीएमडब्ल्यू कार ने कुचल दिया था। बीएमडब्ल्यू कार का टायर युवक के सिर पर से गुजरा था। इस घटना के बाद चालक फरार हो गया था।
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बलराज को पकड़ने में पुलिस की मंशा पर सवाल
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस को शिकायत दी गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि आकांक्ष सेन पर जानबूझ कर गाड़ी चढ़ाई गई थी। आकांक्ष सेक्टर-9 में ही रहता था और उसी सेक्टर में उसका एक दोस्त शेरा भी रहता था। रात को वह शेरा के पास ही रुका था। इस मामले में पेप्सू राज्य के पहले सीएम ज्ञान सिंह रारेवाला के पोते हरमेहताब सिंह रारेवाला को मुख्य आरोपी बनाया गया था।
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अकांक्ष हत्याकांड में गिरफ्तार हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद
लेकिन पुलिस की गिरफ्त से बाहर होने के चलते उसे प्रोक्लेम ऑफेंडर घोषित कर दिया गया था। इस मामले में मुख्य गवाह बूम बॉक्स कैफे की को ऑनर अदम्या राठौर पहले ही गवाही दे चुकी हैं। आरोपों के अनुसार 9 फरवरी को बूम बॉक्स कैफे के पीछे वीरभद्र सिंह के रिश्तेदार आकांक्ष सेन पर बीएमडब्ल्यू चढ़ा दी गई थी। इस घटना को बूम बॉक्स में आए एक समूह द्वारा अंजाम दिया गया था जिसमें तीन लड़कियां भी शामिल थीं।
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Akansh Murder
- फोटो : File Photo
शिकायत के अनुसार, बलराज रंधावा गाड़ी चला रहा था और हरमेहताब रारेवाला उससे कह रहा था इसे टक्कर मारो और खत्म कर दो। मामले में जिला अदालत में चालान पेश किया जा चुका है। जांच सीबीआई को सौंपने की अपील वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन के सरकारी वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि आकांक्ष सेन हत्याकांड मामले की सीबीआई से जांच के आदेशों की जानकारी उन्हें है, लेकिन लेकिन उसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस के बारे में अभी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
लिहाजा हाईकोर्ट ने उन्हें 1 जून को मामले की अगली सुनवाई पर इसकी पूरी जानकारी हाईकोर्ट को दिए जाने के आदेश दे दिए हैं। कोर्ट में मौजूद सीबीआई के वकील ने कहा कि उन्हें भी इस बारे में फ़िलहाल कोई जानकारी नहीं है कि इस हत्याकांड की जांच सीबीआई से करवाए जाने के प्रशासन ने आदेश दिए हैं। वो इसके बारे में सीबीआई के एसएसपी से बात कर ही मामले की अगली सुनवाई पर इसकी बारे में कुछ जानकारी दे सकते हैं।