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बेटा तो बच गया पर मां-बाप और बहन को जिंदा न बचा पाया

Fri, 11 Mar 2016 05:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
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भाखड़ा नहर से निकाला अमनदीप कौर का शव, साथ में फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
भाखड़ा नहर के किनारे माथा टेकने गए व्यापारी की कार नहर में गिर गई। हादसे में व्यापारी का बेटा तो बच गया, लेकिन वह अपने माता-पिता और बहन को नहीं बचा सका।
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बेटा तो बच गया पर मां-बाप और बहन को जिंदा न बचा पाया

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भाखड़ा नहर से कार को बाहर निकालते हुए गोताखोर - फोटो : अमर उजाला
हादसा, बुधवार रात हुआ। भाखड़ा नहर में बहे मनीमाजरा के कैटरिंग व्यापारी अमरजीत सिंह, उनकी पत्नी गुरमीत कौर और बेटी अमनदीप कौर की लाशों को गोताखोरों ने गांव भ्यौरा के पास नहर से बरामद कर लिया। कार को भी निकाल लिया। लाशें कार में ही फंसी थीं। हादसे में उनका बेटा अंकुश बाल-बाल बच गया है। अंकुश ने बताया कि उनके पिता अमरजीत सिंह ने कार चलाते समय गलत गेयर लगा दी जिससे हादसा हो गया।
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भाखड़ा नहर से कार को बाहर निकालते हुए गोताखोर - फोटो : अमर उजाला
एसएचओ धर्मपाल सिंह ने बताया कि अमरजीत सिंह के बेटे अंकुश के बयान पर कार्रवाई की है। अंकुश पिता माता और बहन अमनदीप कौर के साथ कार में भाखड़ा नहर के पास माथा टेकने आए थे। पिता कार का बैक गियर डालकर पीछे देख रहे थे तो अचानक रेस देने पर कार नहर में जा गिरी। अंकुश किसी तरह गाड़ी का पिछला शीशा आधा खुला होने का फायदा उठाकर गाड़ी से बाहर तो आ गया।

बेटा तो बच गया पर मां-बाप और बहन को जिंदा न बचा पाया

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हादसे में मृतक लोगों के रिश्तेदारों को सांत्वना देते हुए आसपास के लोग - फोटो : अमर उजाला
अंकुश ने बताया कि वह कार से बाहर था, लेकिन नहर से बाहर निकलने की स्थिति में वह नहीं था। उसने नहर के पानी में ऊपर आकर आपने आप को बचाने के लिए हाथ पांव मारने शुरू किए तो दो राहगीरों ने उसे बचाने की कोशिश शुरू की। राहगीरों ने अपनी पगड़ी उतारकर अंकुश तक फेंकी। लेकिन बात नहीं बनी। नहर का पानी अंकुश को खींचे ले जा रहा था। पानी अंकुश को तीन किलोमीटर तक खींचकर ले गया।
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भाखड़ा नहर से कार को बाहर निकालते हुए गोताखोर - फोटो : अमर उजाला
दो जान बचाने वाले मसीहों ने पीछा नहीं छोड़ा और तीन किलोमीटर तक नहर के किनारे अंकुश के पीछे पीछे-पीछे भागते रहे। जब बात नहीं बनी तो उनमें से एक बाइक पर ख्वाजा पीर की दरगाह पर गया और बड़ी रस्सी लेकर आया। उस रस्सी के सहारे दोनों ने अंकुश को बाहर निकाला। इसी ख्वाजा पीर के दर पर अमरजीत अपने परिवार के साथ माथा टेकने गए थे। इसके बाद लौटते वक्त यह हादसा हुआ।
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भाखड़ा नहर में कार गिरने से डूबकर काल का ग्रास बना परिवार - फोटो : अमर उजाला
अंकुश ने बताया कि पिता अमरजीत सिंह ने जिस कमेटी में पैसा लगाया था, वह पैसा लेकर फरार हो गया था। अमरजीत सिंह की रत्न स्वीट्स के नाम से दुकान थी। कैटरिंग का काम भी करते थे। अंकुश का छोटा भाई अवि होटल मैनेजमेंट का डिप्लोमा कर रहा है। अंकुश ने होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया है, जबकि मरने वाली उसकी बहन अमनदीप कौर बीएससी नर्सिंग का कोर्स कर रही थी।
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हादसे में मृतक लोगों के अंतिम संस्कार में पहुंचे लोग - फोटो : अमर उजाला
अमरजीत का छोटा भाई अशोक कुमार कांग्रेस नेता हैं। अमरजीत के शहर में लोगों से अच्छे संबंध थे। वीरवार शाम को 5 बजे अमरजीत उनकी पत्नी और बेटी के शव को रोपड़ से लाकर संस्कार किया गया। पूरा शहर उनके अंतिम संस्कार की रस्म पर पहुंचा। अशोक के परिजनों का श्मशान घाट में रो-रोकर बुरा हाल था। लोग बार-बार हादसे में बचे अंकुश को सांत्वना दे रहे थे। एक ही परिवार के तीन लोगों के संस्कार से हर ओर सन्नाटा पसरा था।
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