बात हो रही है, भारतीय हॉकी टीम के कप्तान सरदार सिंह की। एक फरवरी को भारतीय मूल की ब्रिटिश महिला हाकी खिलाड़ी ने भारतीय हॉकी टीम के कप्तान सरदार सिंह पर दुराचार और गर्भपात करने का आरोप लगाया था। उसने इसकी मामले की शिकायत थाना कूमकलां में दी थी। इसके बाद पुलिस कमिश्नर परमराज सिंह उमरानंगल ने मामले की जांच के लिए एडीसीपी सतबीर सिंह अटवाल, एसीपी गिल गुरप्रीत कौर और थाना एसएचओ की टीम तैयार की थी।
भारतीय हॉकी टीम के कप्तान सरदार सिंह अपने खिलाफ महिला हाकी खिलाड़ी द्वारा लगाए गए दुराचार के आरोपों के मामले में एसआईटी के सामने पेश हुए। हालांकि इस बारे में किसी को भनक तक नहीं लगने दी गई। सरदार सिंह ने माना कि उस लड़की से उनकी दोस्ती फेसबुक पर हुई थी। दोनों अच्छे दोस्त भी बन गए थे, हम दोनों में कभी भी फिजिकल रिलेशन नहीं था और ही न ही हमने कभी सगाई की। ये एक अफवाह थी जो उसने खुद ट्विटर के जरिए इसे फैलाया।
एडीसीपी अटवाल ने कहा कि सरदार सिंह ने अपने बयान में कहा कि वह बेकसूर है और महिला हॉकी खिलाड़ी द्वारा उन पर लगाए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। वह महिला को जानते जरूर हैं, मगर महिला के आरोपों में एक प्रतिशत भी सच्चाई नहीं है। पुलिस ने पहले भी सरदार सिंह को पेश होने के लिए कहा था, लेकिन हरियाणा में जाट आंदोलन के कारण वह नहीं आ सके थे। सरदार सिंह ने पुलिस को कह दिया था कि वह हरियाणा में माहौल ठीक होने के बाद ही आएंगे।
गौरतलब है कि शिकायत करने वाली लड़की ब्रिटिश हैं और वो ब्रिटिश हॉकी टीम की पहली सिख खिलाड़ी हैं। उनके पिता हॉकी कोच हैं और पंजाब के भैणी साहिब के रहने वाले हैं, शिकायत करने के लिए वह लुधियाना आई थी। पुलिस कमिश्नर पीएस उमरा नांगल से मिलकर उसने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक साल 2012 में सोशल मीडिया पर उसकी मुलाकात सरदार से हुई। दोस्ती बढ़ी और दोनों ने शारीरिक संबंध भी बने। अब सरदार मुकर गए हैं।