प्रोफेशनल कॉलेज और यूनिवर्सिटी कोर्स या डिग्री के लिए सरकारी और प्राइवेट बैंक इसके लिए एजुकेशन लोन उपलब्ध करवाते हैं। प्रोफेशनल कॉलेज और यूनिवर्सिटी में एडमिशन शुरू हो गए हैं। ऐसे में कहीं भी एडमिशन मिलने पर सबसे बड़ी समस्या कोर्स या डिग्री की भारी भरकम फीस चुकाने की होती है। लेकिन, स्टूडेंट्स और उनके पेरेंट्स को फीस के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं, क्योंकि सरकारी और प्राइवेट बैंक इसके लिए एजुकेशन लोन उपलब्ध करवाते हैं। वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइन के मुताबिक बेटियों और आरक्षित वर्ग के युवाओं को आधा फीसदी कम ब्याज दर पर लोन मिलता है। 12वीं का रिजल्ट आने से पहले ही युवा पीढ़ी को पता होता है कि उन्हें क्या करना है। इसकेलिए वह पहले से ही तैयारी भी शुरू कर लेते हैं।
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एजुकेश्ान लोन
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किसी को एमबीबीएस कर डॉक्टर बनना होता है तो किसी को बीटेक कर इंजीनियर बनना होता है। ऐसे में अभिभावकों के पास सबसे सरल तरीका है बैंक से एजुकेशन लोन लेने का। इस समय सभी सरकारी और निजी बैंक आरबीआई के नियमों के तहत स्टूडेंट्स को स्टडी के लिए लोन उपलब्ध करवा रहे हैं।
एजुकेशन लोन की ब्याज दर वर्तमान साढ़े 7 लाख रुपये तक के लोन पर 11 से 11.50 फीसदी तक है। साढ़े सात लाख रुपये से ज्यादा के लोन की ब्याज दर .30 से .50 फीसदी कम होती है। अगर लोन बेटी या आरक्षित वर्ग के बच्चे की पढ़ाई के लिए लिया जा रहा है तो ब्याज आधा फीसदी कम होता है।
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एजुकेश्ान लोन
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साथ ही देश के प्रतिष्ठित कॉलेज या संस्थान जैसे आईआईटी या आईआईएम से पढ़ाई कर रहे हैं तो भी आधा फीसदी रेट ऑफ इंटरेस्ट कम होता है। शुरू से ही चुकाएं ब्याज लोन लेते ही पहले साल या यू कहें कि पहले महीने से ही अगर आप इसका ब्याज चुकाना शुरू कर दें तो पढ़ाई पूरी होने तक काफी आसानी रहती है। साथ ही बैंक उन्हें ब्याज दर में 1 प्रतिशत की छूट भी देते हैं। लोन का भुगतान कोर्स या डिग्री पूरी होने के 6 माह बाद से शुरू होता है। वैसे कई बार सरकार होनहार बच्चों का ब्याज माफ भी कर देती है। लोन की
लिमिट
- देशभर में कहीं भी पढ़ाई करने पर 10 लाख तक
- विदेश में पढ़ाई के लिए 20 लाख रुपये तक
नोट: सभी सरकारी और निजी बैंकों की अपनी-अपनी लिमिट है। कुछ बैंक फॉरेन स्टडी के लिए 30 लाख रुपये तक का भी लोन देते हैं।
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सिक्योरिटी : - 4 लाख रुपये तक के लोन पर किसी तरह की सिक्योरिटी (गारंटर) की जरूरत नहीं। कुछ बैंक 7.5 लाख रुपये तक कोई सिक्योरिटी नहीं लेते।
- 7.5 लाख और इससे ज्यादा पर अभिभावकों को लोन में भागीदार बनाया जाता है। थर्ड पार्टी गारंटर की भी जरूरत पड़ती है। इसके अलावा नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट्स, बॉन्ड्स या कोई प्रापर्टी बतौर गारंटी देनी पड़ती है।
लोन के लिए जरूरी कागजात: स्टूडेंट भारतीय नागरिक होना चाहिए, भारत में या विदेश में जिस कॉलेज में एडमिशन लेना है उनकी ओर से एडमिशन कंफर्मेशन लेटर, कॉलेज या यूनिवर्सिटी प्रमाणित होनी चाहिए, आवेदनकर्ता की पासपोर्ट साइज दो फोटोग्राफ, प्रोफेशनल या टेक्निकल कोर्स के लिए कॉलेज या यूनिवर्सिटी की ओर से एंट्रेंस एग्जाम में हिस्सा लेने के बाद एडमिशन मिल रहा हो। डॉयरेक्टर एडमिशन न हो।
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ये कागजात भी चाहिए: विद्यार्थी को अच्छा शैक्षणिक चरित्र वाला होना चाहिए, स्टूडेंट के नाम पर किसी ओर बैंक से किसी तरह का कोई लोन पहले से न चल रहा हो, लोन में माता या पिता कॉ-बॉरोअर (सह-ऋणी) बनने के लिए सहमत हों, कॉलेज के फीस स्ट्रक्चर की पूरी जानकारी।, पहचान और निवास का प्रमाण। आधार कार्ड या अन्य दस्तावेज, स्टूडेंट या कॉ-बॉरोअर के पिछले 6 महीने की बैंक स्टेटमेंट, कॉ-बॉरोअर की पिछले दो साल की इनकम टैक्स रिटर्न (अगर टैक्स स्लैब के दायरे में आते हैं तो), कॉ-बॉरोअर की इनकम का प्रूफ, कॉ-बॉरोअर या माता-पिता की संपत्ति या देनदारी की स्टेटमेंट।
एजुकेशनल लोन के दायरे में आने वाले खर्च :
- कॉलेज/यूनिवर्सिटी की हॉस्टल फीस
- परीक्षा, लाइब्रेरी, लेबोरेटरी आदि की फीस
- बुक्स या कोई खास तरह के इक्यूपमेंट या इंस्ट्रूमेंट्स लेने हो तो वह भी लोन अमाउंट में एड हो सकते हैं
- कॉलेज की ओर से ली जाने वाली रिफंडेबल अमांउट जैसे कॉशन मनी, बिल्डिंग फंड आदि
- फॉरेन स्टडी के दौरान यात्रा खर्च
- कंप्यूटर एवं अन्य आवश्यक सामग्री खरीदने के लिए
- स्टूडेंट का इंश्योरेंस कवर