कृषि कानूनों के विरोध में पिछले तीन माह से किसान आंदोलन चल रहा है। हरियाणा में शुक्रवार को पेश किए बजट पर भी इसका असर दिखा। नाराज किसानों को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बजट में कई नई योजनाओं की घोषणाएं की। बजट में हर खेत, स्वस्थ खेत और किसान मित्र योजना के तहत 1000 किसान एटीएम खोलने की घोषणा की गई है। बागवानी खेती को बढ़ावा देने के लिए आम, अमरूद और सिट्रस फलों के बागों पर सब्सिडी की सीमा 16 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। हर खेत की मिट्टी की जांच के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाने का वादा करते हुए 125 नई जांच प्रयोगशालाएं स्थापित करने का एलान किया गया है। किसान मित्र योजना के तहत बैंकों की सांझेदारी में राज्य में किसान एटीएम स्थापित किए जाएंगे। इसका मुख्य उदेश्य किसानों को नकदी निकालने, नकदी जमा कराने, शेष राशि की जानकारी देने, पिन बदलने, नई पिन बनाने, मिनी स्टेटमेंट, चैक बुक की सुविधाएं देना है।
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धरने पर बैठे किसान।
- फोटो : फाइल फोटो
तीन साल में होगी हर खेत की मिट्टी की जांच, 125 जांच प्रयोगशाला स्थापित होंगी
हर खेत, स्वस्थ खेत अभियान के तहत अप्रैल, 2021 से प्रत्येक एकड़ के मृदा नमूनों की जांच शुरू की जाएगी। आगामी तीन साल में पूरे हरियाणा को कवर किया जाएगा। मृदा जांच कार्य से प्रदेश के स्कूल और कालेजों के साइंस के विद्यार्थियों को जोड़ा जाएगा और इसके लिए उनको पढ़ाई के साथ-साथ राशि भी मुहैया कराई जाएगी। सरकार ने वर्ष 2021-22 के दौरान स्कूल, कालेजों, विवि और तकनीकी संस्थानों में 125 मृदा जांच प्रयोगशालाएं स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इससे पहले 2020-21 में पहले चरण में लैब स्थापित करने को 115 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों का चयन किया जा चुका है। मंडियों में सरकारी भवनों में 17 नई स्थैतिक मृदा जांच प्रयोगशालाएं और 59 मिनी मृदा जांच प्रयोगशाला स्थापित की जा रही हैं। 14 नई मृदा जांच प्रयोगशालाओं के लिए भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है, शेष पर काम चल रहा है। इसके अलावा, क्षारीय व लवणीय मृदा के उपचार के लिए नई योजना के तहत नया पोर्टल स्थापित किया जाएगा। नए वित्त वर्ष में एक लाख एकड़ भूमि को सुधारने का लक्ष्य है।
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किसान आंदोलन।
- फोटो : फाइल फोटो
कृषि निर्यात नीति हो रही है तैयार
बजट में सीएम ने घोषणा की है कि सरकार कृषि निर्यात नीति तैयार कर रही है। इसके साथ ही 2400 करोड़ की लागत से सोनीपत के गन्नौर में 545 एकड़ में मंडी अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी तैयार की जा रही है। पिंजोर में सेब, गुरुग्राम में पुष्प और जिला सोनीपत के सेरसा में मसाला मंडी विकसित की जा रही है। हरियाणा कृषि उद्योग निगम लिमिटेड राज्य में पैक्ड, वीटा और अन्य खाद्य वस्तुओं के लिए एक नेटवर्क स्थापित करेगा, इसके तहत 22 जिलों में 2 हजार रिटेल स्टोर खोले जाने हैं। मार्च 2022 तक 1000 किसान उत्पादक संगठन स्थापित किए जाएंगे।
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मनोहर सरकार ने किसानों के लिए कई घोषणाएं की।
- फोटो : अमर उजाला
मंडियों में फसल सुखाने की मशीनें होंगी
नई योजना के तहत मंडियों में किसानों के लिए कई सुविधाएं देने की बात कही है। फसल सुखाने की मशीनें, साइलो, ग्रेडिंग, लोडिंग, अनलोडिंग, वजन, सिलाई, ठंचाई पैकेजिंग जैसे ही सुविधाएं शुरू की जाएंगी। मंडी यार्डों की क्षमता भी बढ़ाने की तैयारी है। प्रदेश में 81 मंडियों को ई नाम से जोड़ा जा चुका है, इस साल शेष 32 मंडियों के ई नाम से जोड़ा जाएगा। 2021 के रबी सीजन में 81 लाख एमटी गेहूं और 7 लाख एमटी और 60 लाख एमटी धान और 7 लाख टन बाजरे की खरीद करने की योजना है। वहीं, भंडारण क्षमता को 6.60 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता बढ़ाने का निर्णय है।
फसल अवशेष प्रबंधन को 100 कंप्रेस्ट बायो गैस प्लांट लगाए जाएंगे
नए वित्त वर्ष में पेट्रोलियम मंत्रालय के सहयोग से राज्य में 100 कंप्रेस्ड बायो गैस और बायो मास संयंत्र प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इन प्लांट में धान के पुआल की आपूर्ति के लिए कैचमेंट एरिया उपलब्ध कराने के लिए धान के उत्पादक गांवों की भी पहचान कर ली गई है। नए वर्ष में धान अधीन क्षेत्र को 2 लाख एकड़ कम किया जाएगा, पिछले साल मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत पिछले साल 97 हजार एकड़ को धान से अन्य फसलों पर लाया गया था।