पिंजौर के इतिहास के सबसे भयावह हादसे ने एक-एक कर छीन ली नौ बेशकीमती जिंदगियां। देखिए तस्वीरों में हादसे की पूरी कहानी।
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एक सिलेंडर ने छीन लीं 9 जिंदगियां, यकीं न हो तो यहां देखिए
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पिंजौर के इतिहास के सबसे भयावह हादसे ने एक-एक कर छीन ली नौ बेशकीमती जिंदगियां। दरअसल हिरयाणा के पिंजौर स्थित हिमशिखा कॉलोनी में सिलेंडर ब्लास्ट मामले में दो और लोगों की मौत हो गई। सिलेंडर ब्लास्ट मामले में मृतकों की संख्या अब नौ हो गई है। पिंजौर के इतिहास में यह सबसे बड़ा हादसा माना जा रहा है, जिसमें इतने लोगों ने दम तोड़ा है।
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रविवार देर रात को हिमशिखा कॉलोनी निवासी डॉ. विष्णु (48) ने 12 दिन तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करते हुए मोहाली के निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। विष्णु बंसल आयुर्वेदिक के डॉक्टर थे। वह अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। वहीं सोमवार देर शाम पीजीआई में उपचाराधीन रूपलाल (55) ने भी दम तोड़ दिया।
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रूपलाल कॉलोनी में ही आटा चक्की चलाता था। इस घटना में इससे पहले विकास भारद्वाज, कृष्ण पाल बंसल, सचिन बंसल, विकास बंसल, तनु बसंल, योगेश और अभिमन्यु राय की मौत पहले ही हो चुकी है।
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दरअसल पिंजौर स्थित हिमशिखा कालोनी के मकान नंबर 349 में दिवाली के एक दिन पहले मंगलवार 10 दिसंबर की रात को गैस सिलेंडर फट गया था। हादसा इतना खौफनाक था कि एक युवक की मौत हो गई, जबकि 25 लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। हादसा इतना भयावह था कि सिलेंडर के धमाके से तीन मंजिला इमारत जमींदोज हो गई थी।
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हादसे के बाद घायलों को तुरंत पंचकूला सेक्टर-6 स्थित सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। हादसे में परिवार की मदद करने गए युवक की मौत हाथ में सिलेंडर फटने से हो गई थी। मृतक विकास भारद्वाज (34) नेशनल बॉक्सर था। पिंजौर के हिमशिखा कालोनी के मकान नंबर 348 में कृष्णपाल बंसल का परिवार है।
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घर में कुल सात सिलेंडर थे। इनमें से तीन खाली और तीन भरे थे, जबकि एक सिलेंडर रसोई में लगा हुआ था। बंसल के पोते ने सिलेंडर के पास मोमबत्ती रखी थी, जिससे सिलेंडर पाइप को आग लग गई। इसके बाद ब्लास्ट हुआ और आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। धमाके की आवाज सुनकर मोहल्ले के लोग बचाव को दौड़े।
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वह दरवाजा तोड़कर घर में घुस गए लेकिन दूसरा ब्लास्ट होने से वह भी आग की चपेट में आ गए। जिस घर में धमाका हुआ उसमें सात सदस्य रहते थे। इसमें चार घर से बाहर आ गए थे। सिलेंडर फटने की घटना से तीन घर क्षतिग्रस्त हुए । प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही आग लगी तो आसपास के लोगों के यहां आग फैल गई।
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तनु बंसल ने बताया कि आसपास के जिन लोगों ने बचाने की कोशिश की वह ज्यादा जल गए। इस हादसे में तनु बंसल, सोहन लाल, सुरेश कुमार, सतीश, विष्णु, शकीर, संदीप, ओमकार शर्मा, राजरानी, रामेश्वरी झुलस गए थे।