अनूप जलोटा
तीन सौ बीस रुपये थी पहली पगार
अनूप जलोटा ने कहा कि वह फगवाड़ा के रहने वाले हैं और उन्होंने अपना सफर क्लासिकल से शुरू किया। उनकी पहली पगार तीन सौ बीस रुपये थी। उन्होंने कहा कि उनका गीत चांद अंगड़ाइयां ले रहा है काफी प्रसिद्ध हुआ। उसके बाद भजन संध्या एलबम आया और वह वे भजन गायक बन गए। लेकिन उन्होंने गीत, गजल सभी में हाथ आजमाए। उन्होंने कहा कि हमेशा से उनका उद्देश्य एक स्टेज परफॉर्मर बनने का था।