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देखिए बॉलीवुड के पहले ऐसे एक्टर, जो पहलवानी में कभी किसी से नहीं हारे

Tue, 30 May 2017 09:23 AM IST
amarujala.com- Written by: खुशबू गोयल
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रुस्तम-ए-हिंद दारा सिंह
चाहे कुश्ती का मैदान हो या अभिनय का, 53 इंच की छाती वाला बॉलीवुड का ये एक्टर जिंदगी में कभी नही हारा। पढ़िए इनके जीवन से जुड़ी खास बातें।
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रुस्तम-ए-हिंद दारा सिंह
हम बात कर रहे हैं रुस्तम-ए-हिंद दारा सिंह की। इन्होंने अपनी जिंदगी में 500 से ज्यादा फाइट की और एक भी नहीं हारे। आज 29 मई के दिन वे वर्ल्ड चैम्पियन बने हैं। 49 साल पहले आज ही के दिन दारा सिंह ने फ्री स्टाइल कुश्ती में अमेरिका के विश्व चैम्पियन लाउ थेज को हराया था। दारा सिंह ने अपने समय के सभी बड़े पहलवानों को हराया था, जिसके लिए उन्हें 'रुस्तम-ए-पंजाब' और 'रुस्तम-ए-हिंद' का खिताब दिया गया था।
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रुस्तम-ए-हिंद दारा सिंह
दारा सिंह रन्धावा का जन्म 19 नवम्बर 1928 को अमृतसर (पंजाब) के गांव धरमूचक में श्रीमती बलवन्त कौर और श्री सूरत सिंह रन्धावा के यहां हुआ था। कम आयु में ही घर वालों ने उनकी मर्जी के बिना उनसे आयु में बहुत बड़ी लड़की से शादी कर दी। माँ ने इस उद्देश्य से कि पट्ठा जल्दी जवान हो जाये उसे सौ बादाम की गिरियों को खांड और मक्खन में कूटकर खिलाना व ऊपर से भैंस का दूध पिलाना शुरू कर दिया।

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रुस्तम-ए-हिंद दारा सिंह
नतीजा यह हुआ कि 17 साल की नाबालिग उम्र में ही दारा सिंह प्रद्युम्न नामक बेटे के बाप बन गये। दारा सिंह का एक छोटा भाई सरदारा सिंह भी था जिसे लोग रंधावा के नाम से ही जानते थे। दारा सिंह और रंधावा दोनों ने मिलकर पहलवानी करनी शुरू कर दी और धीरे-धीरे गांव के दंगलों से लेकर शहरों तक में ताबड़तोड़ कुश्तियां जीतकर अपने गांव का नाम रोशन किया।
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रुस्तम-ए-हिंद दारा सिंह
दारा सिंह की लंबाई 6 फीट 2 इंच थी और चेस्ट 53 इंच की थी। लंबी चौड़ी बॉडी होने की वजह से उन्हें रेस्लिंग में हाथ आजमाने को कहा जाता था। जिसकी शुरुआत उन्होंने मेलों और बाजारों में छोटी-छोटी फाइट्स से की थी। आप को विश्वास नही होगा लेकिन दारा सिंह ने एक मुकाबले में अपने से कहीं ज्यादा वजनी 200 किलो के ऑस्ट्रेलिया के किंग कांग को पहले तो रिंग में पटखनी दी और फिर उन्हें उठाकर रिंग के बाहर ही फेंक दिया।
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रुस्तम-ए-हिंद दारा सिंह
दारा सिंह अपनी जिंदगी में कोई मैच नही हारे। महाबली के नाम से मशहूर दारा सिंह कुश्‍ती में कभी ना हारने वाले चैम्पियन्‍स के भी चैम्पियन हैं। 1968 की वर्ल्‍ड चैम्पियन शिप के साथ ही उन्‍होंने कुश्‍ती में हमेशा जीत हासिल की। कुश्ती के बाद दारा सिंह ने हिंदी सिनेमा में भी अपनी किस्तम को आजमाया और दारा सिंह की इंट्री पहली फ़िल्म ‘संगदिल’ 1952 में रिलीज़ हुई, इस फिल्म में एक्टर दिलीप कुमार और मधुबाला थे।
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रुस्तम-ए-हिंद दारा सिंह
दारा सिंह की बतौर हीरो पहली फ़िल्म थी ‘जग्गा डाकू’, जिसके बाद वो बॉलीवुड के पहले एक्शन हीरो के तौर पर छा गए। उसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम क्या और लोगो ने बेहद प्यार और सम्मान दिया। फिल्‍म जब वी मेट में वो आखरी बार करीना कपूर के दादा जी के रूप में नजर आये थे। 1996 में उन्‍हें रेसलिंग आबजर्व न्‍यूजलेटर में हाल आफ फेम चुना गया।

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रुस्तम-ए-हिंद दारा सिंह
दारा सिंह ने कई वर्ल्‍ड क्‍लास चैम्पियन्‍स के खिलाफ कुश्‍ती लड़ी। 1970 में दारा सिंह ने पहली फिल्‍म डॉयरेक्‍ट की, जिसका नाम नाकन दुखिया सब संसार था। पहली बार दारा सिंह ने फिल्‍म बजरंग बली में हनुमान जी का किरदार निभाया था। इसके बाद उन्‍होंने टीवी स्‍क्रीन पर भी धारावाहिक रामायण में हनुमान का किरदार निभाया था, उसके बाद लोग कहने लगे की आज हनुमान होते बिल्कुल उनकी कदकाठी आप की तरह होती।
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रुस्तम-ए-हिंद दारा सिंह
आज भले ही दारा सिंह हमारे बीच नही है लेकिन आज भी करोड़ो हिन्दुस्तानियों के दिलों में उनका राज है। रेसलर से एक्टिंग में आने वाले दारा सिंह सोशल मीडिया में सबसे ज्‍यादा सर्च होने वाले टॉपिक में से एक हैं। दारा सिंह को 7 जुलाई 2012 को दिल का दौरा पड़ा तों उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज से कोई फायदा नहीं हुआ। परिजन घर ले आए और 12 जुलाई 2012 को वे चले गए।

 
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