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युवा इस वजह से ज्यादा स्ट्रेस में रहते हैं, कहीं आप तो नहीं करते ऐसा

Tue, 30 May 2017 09:22 AM IST
विनीत तोमर/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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तनावग्रस्त लड़की
आजकल के युवा स्ट्रेस में रहते हैं और इसकी बड़ी वजह भी सामने आ गई है। पेरेंट्स ध्यान दें, कहीं आप भी उनके साथ ऐसा तो नहीं करते हैं।
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stress management
अपने बच्चों को डॉक्टर या इंजीनियर बनाने की अभिभावकों की चाहत नई समस्या खड़ी कर रही है। वैसे तो पिछले काफी समय से इस पर बहस छिड़ी है लेकिन पिछले दिनों एमडीयू की ओर से कराए गए सर्वे में आए नतीजे चौंकाने वाले हैं। तीन महीनों तक सौ से ज्यादा युवाओं की हुई काउंसिलिंग में 90 प्रतिशत ने अपने जीवन में तनाव की वजह माता-पिता को बताया है।
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तनावग्रस्त लड़का
मनोविज्ञान विभाग ने अलग-अलग जगहों पर हुई कार्यक्रमों के बाद तीन महीने में यह आंकड़ा तैयार किया है। युवाओं में बढ़ रहे तनाव को लेकर एमडीयू की डीन फैकल्टी ऑफ सोशल साइंस और मनोविज्ञान विभाग की प्रो. प्रोमिला बतरा ने पिछले कुछ दिनों में युवाओं की काउंसिलिंग की। यूनिवर्सिटी कैंपस के साथ-साथ कई अन्य जगहों पर 100 से अधिक युवाओं की काउंसिलिंग की गई।

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रहिए कूल
प्रो. बतरा ने बताया कि इसमें युवाओं से तनाव के कारण पूछे गए। कुछ युवाओं ने नौकरी नहीं मिलना तो कुछ ने दूसरे कारण बताए। करीब 90 फीसदी युवाओं ने तनाव का कारण माता-पिता को बताया। इसमें सामने आया है कि मां-बाप बचपन से ही बच्चे के कॅरिअर को लेकर चितिंत रहने लगते हैं। बात-बात में दूसरे लोगों का उदाहरण दिया जाता है। बच्चों के दिमाग में उनके कॅरिअर को माता-पिता ही तय कर देते हैं।
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stress management
कई युवाओं ने तो यहां तक कहा कि बड़े होने पर उन्हें कुछ और सोचने का मौका ही नहीं मिला। इसमें कुछ युवा तो अच्छी नौकरी पाने के बाद भी संतुष्ट नहीं हैं। कई बार ऐसे युवा नौकरी छोड़ देते हैं या नशे के आदी हो जाते हैं। कई ने तो यह बताया कि उनके कुछ साथियों ने आत्महत्या तक कर ली। अब वे भी अवसाद ग्रस्त हैं। प्रो. बतरा ने बताया कि अविवाहित युवाओं के साथ-साथ शादीशुदा युवा भी इसी कारण तनाव में रहते हैं।
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stress management
बच्चों का जीतें भरोसा: हर वक्त पढ़ाई-पढ़ाई न कहकर बच्चे की पढ़ाई का शेड्यूल निर्धारित करें। खुद की इच्छाएं थोपने की बजाय बच्चे से उसकी इच्छा भी पूछी जाए कि वह क्या करना चाहता है। बच्चे को दबाव देकर कोई काम कराने की बजाय उसके विश्वासपात्र बनकर काम करें। युवा अवस्था में भी संवाद कायम रखें, बेहतर कॅरिअर के बाद में। बच्चों के शौक भी जानें, उन्हें दूसरे क्षेत्रों में भी बेहतर करने को प्रेरित करें।
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तनावग्रस्त व्यक्ति - फोटो : डेमो फोटो
बच्चों के प्रति मां-बाप को चिंता तो ठीक है लेकिन उन पर अपनी इच्छा न थोपी जाएं। बच्चे को विशेष न बनाकर सामान्य व्यवहार के साथ पालन-पोषण किया जाए। इन सबके बीच उसे हद से अधिक आजादी भी नहीं देनी चाहिए। बच्चों की खासियतें जानकर ही उसे जीवन में आगे बढ़ने को प्रेरित करें।  
- प्रो. प्रोमिला बतरा, डीन फैकल्टी ऑफ सोशल साइंस
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