दोस्त ने दोस्त को ही ऐसी दगा दी कि परिवार उसे आखिरी बार देख भी नहीं पाया। तस्वीरों में जानिए सनसनीखेज मामला।
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दोस्त ने दी ऐसी दगा, आखिरी बार देख भी न पाया परिवार
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डिफेंस कॉलोनी में रहने वाले को दोस्त ने ही ऐसा दगा दिया कि उसके परिवार वालों को नसीब भी नहीं हो पाया अंतिम दर्शन। दरअसल मामला हरियाणा के हिसार का है। डिफेंस कॉलोनी में रहने वाले मूल रूप से गांव सिसाय कालीरावण निवासी सुरेंद्र को उसके अपने ही दोस्त महंत महाबीर उर्फ धीरा व उसका सहयोगी उमरा गांव निवासी बलराज ने हत्या कर दी थी। दोनों ने सुरेंद्र की हत्या कर उसके शव को भिवानी के गांव ढाणी शांकरी में बाबा धीरा के डेरे में दफना दिया था।
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पुलिस ने शुक्रवार को डेरे में खुदाई कर करीब पांच फुट गहरे गड्ढे से गली-सड़ी हालात में शव को बाहर निकाला है। हत्या करने वाले उसके दोस्त महंत महाबीर उर्फ धीरा को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया। हत्या में धीरा के सहयोगी उमरा गांव निवासी बलराज फरार है। दोनों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए पहले उसकी हत्या की और फिर गाड़ी को मुजादपुर के खेतों में आग लगा दी थी। पुलिस देर शाम सुरेंद्र के शव को हांसी के सामान्य अस्पताल लेकर आई। सुबह उसका पोस्टमार्टम करवाया गया।
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मामले की जांच कर रहे सिविल लाइन थाना इंचार्ज कृष्ण कुमार और सीआईए टू टीम इंचार्ज राजाराम ने बताया कि सुरेंद्र अपने बेटे अमित राणा के साथ हिसार डिफेंस कॉलोनी में रहता था। वह घर से अपने गांव सिसाय कालीरावण जाने की बात कहकर 19 अगस्त को निकला था। उसके बाद उसकी परिजनों ने तलाश शुरू की। वह नहीं मिला। अमित राणा ने सिविल लाइन थाना एरिया में 4 सितंबर को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
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पुलिस के अनुसार 19 अगस्त की शाम बाबा महाबीर, सुरेंद्र व बलराज ने एक साथ बैठकर डेरे में शराब पी थी। घटना उसी रात की है, जिस दिन वह अपने डिफेंस कॉलोनी वाले घर से गांव जाने की बात कहकर गया था। शराब पीने के दौरान उनकी किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। बाबा और उसके साथी ने मिलकर सुरेंद्र की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या कर दी।
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हत्या करने के बाद पहले ये शव को लेकर इधर-उधर घूमते रहे। फिर रातों रात ही डेरे में बने एक कमरे के साथ पांच फुट गहरा गड्ढा खोदकर उसमें दफना दिया। पुलिस यदि हत्या के केस को नहीं सुलझा पाती तो परिवार वाले उसके अतिम दर्शन को भी तरस जाते। जिस दिन सुरेंद्र घर से निकला, उस वक्त रात करीब 8 बजे थे। रात को वह गांव सिसाय जाने की बात कहकर घर से बोलेरो गाड़ी लेकर निकला था। उसके बाद वह हांसी के साथ लगते भिवानी जिले के गांव ढाणी शांकरी में धीरा बाबा के डेरे में चले गए।
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वहां उसकी हत्या के बाद दोनों ने मिलकर पुलिस को गुमराह करने के लिए उसकी गाड़ी को मुजादपुर के खेतों में ले जाकर आग लगा दी, ताकि पुलिस व परिजन यही समझे कि उसकी गाड़ी के साथ ही जलकर मौत हो गई। कृष्ण कुमार, इंचार्ज सिविल लाइन थाना ने बताया कि पुलिस ने गांव संदलाना निवासी बाबा महाबीर और उमरा गांव निवासी बलराज को गिरफ्तार कर लिया है। सुबह उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगा।