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ध्यान दें: 31 मार्च से पहले ये काम भी जरूर निपटा लें, नहीं तो बाद में पछताएंगे

Wed, 29 Mar 2017 09:22 AM IST
amarujala.com- Written by: रिशु राज सिंह
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1 अप्रैल से बदल जाएंगे ये सारे नियम - फोटो : Demo Pic
31 मार्च आने वाला है और अगर आपने अभी तक इन जरूरी कामों को नहीं निपटाया है तो बता दें कि 1 अप्रैल से कई नियम बदलने वाले है, फिर आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। 
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इनकम टैक्स
1. टैक्स बचाएं
टैक्स बचाना है तो सभी निवेश और खर्चों का हिसाब-किताब 31 मार्च से पहले ही कर लें। वित्त वर्ष खत्म होने के बाद 2016-17 के टैक्स  में छूट के लिए फाइल नहीं कर पाएंगे।  
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अारबीअाई
2. नोट बदलने की आखिरी तारीख 
नोटबंदी के कारण चलन से बाहर हुए 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को सरकार की ओर से देशभर में आरबीआई की केवल पांच ब्रांच में ही बदल जा रहा है। इसके लिए आखिरी तारीख 31 मार्च है। इसके बाद पुराने नोट कहीं पर भी नहीं बदलें जाएंगे। हालांकि यहां भी केवल एनआरआई या वो लोग ही नोट बदल सकते हैं जो 8 नवंबर से 30 दिसंबर तक देश से बाहर थे।
 

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- फोटो : File Photo
3. पीपीएफ अकाउंट
अगर आपने अलग से पीपीएफ अकाउंट खोला है तो उसमें आपका सालाना योगदान कम से कम 500 रुपये होना चाहिए। अगर आपने इस साल इसमें इस राशि से कम पैसे अकाउंट में डाले हैं तो इस 31 मार्च से पहले पीपीएफ अकाउंट में पैसे डाल लें। ऐसा न करने पर सरकार आपसे हर साल 50 रुपये बतौर पेनल्टी वसूल लेगी।
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- फोटो : फाइल फोटो
4. एनपीएस
एनपीएस (नेशनल पेंशन स्कीम) टियर 1 अकाउंट होल्डर्स को कम से कम एक हजार रुपये हर वित्त वर्ष के दौरान अपने अकाउंट में डालने होते हैं। अगर इसमें आपने इसमें एक हजार रुपये से कम योगदान दिया है तो 31 मार्च से पहले इसमें पैसे डाल दें, नहीं तो आपका खाता फ्रीज हो सकता है। 
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इनकम टैक्स
एक अप्रैल से लागू होंगे नए नियम
1. सालाना 2.5 लाख से 5 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों को 10 प्रतिशत की बजाय 5 फीसदी टैक्स ही देना होगा। इससे टैक्स देने वालों को 12,500 रुपये तक की बचत होगी। दूसरी तरफ एक करोड़ रुपये से अधिक आय वाले लोगों को इस स्लैब में सरचार्ज और सेस समेत कुल 14,800 रुपये तक की बचत होगी।
 
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demo pic - फोटो : अमर उजाला
2. सालाना 3.5 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों के लिए टैक्स रिबेट को घटाकर पांच से ढाई हजार रुपये कर दिया गया है। पहले यह छूट 5 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों के लिए थी। टैक्स रेट और रिबेट में बदलाव के कारण अब 3.5 लाख रुपये तक की टैक्सेबल इनकम वाले व्यक्तियों को पांच हजार रुपये की जगह 2500 रुपये ही टैक्स के तौर पर देने होंगे। 

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demo pic - फोटो : अमर उजाला
3. 50 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक की सालाना आय वाले आय करदाताओं को कुल टैक्स का 10 फीसदी सरचार्ज देना होगा। वहीं एक करोड़ रुपये से अधिक की आय वालों को पहले की तरह ही 15 प्र्रतिशत सरचार्ज देना होगा।

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हाउस टैक्स - फोटो : DEMO Pics
4. अचल संपत्ति की होल्डिंग पीरियड को तीन साल की बजाय दो साल में ही लॉन्ग टर्म माना जाएगा। इससे दो साल से अधिक समय तक अचल संपत्ति रखने पर 20 फीसदी की छूट के साथ टैक्स लगेगा। इसके अलावा रिइन्वेस्टमेंट पर अन्य छूट भी मिलती रहेगी।

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टैक्स - फोटो : Demo
5. सालाना पांच लाख रुपये से अधिक टैक्सेबल इनकम वाले व्यक्तिगत करदाताओं को अब एक पेज का ही टैक्स रिटर्न फॉर्म भरना होगा। 31 मार्च के बाद से इस वर्ग के तहत रिटर्न फाइल करने वाले लोगों की स्क्रूटनी नहीं होगी।

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income tax - फोटो : income tax
6. 2017-18 की टैक्स रिटर्न फाइल करने में देरी पर 31 दिसंबर, 2018 तक पांच हजार रुपये जुर्माना लगेगा। इसके बाद फाइल करने पर 10 हजार रुपये तक जुर्माना लगेगा। अगले साल से बिना जुर्माना दिए आप आईटीआर फाइल ही नहीं कर सकेंगे। वहीं पांच लाख रुपये तक की आय वालों के लिए देरी से आईटीआर दाखिल करने पर एक हजार रुपये का ही जुर्माना लगेगा।
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income tax - फोटो : income tax
7- टैक्स रिटर्न के रिवीजन की समय सीमा अब दो साल की बजाय एक साल ही होगी। वित्तीय वर्ष की समाप्ति और असेसमेंट पूरा होने के बाद से यह अवधि लागू होगी। 
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