सर्दियों में ठंड से बचने के लिए लोग कई तरह के फूड खाते हैं, लेकिन कुछ चीजें ऐसी हैं, जिन्हें सोच समझकर खाएंगे तो जिंदगी बची रहेगी। वरना ये जानलेवा हो सकते हैं।
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सर्दी का मौसम
बात हो रही है, हेल्दी फूड की। इसे खाने के शौकीन है तो पहले थोड़ा उनके बारे में जान लिजिए। कहीं ऐसा न हो कि कुछ समय का स्वाद आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो जाए। खासकर हृदय रोगियों को सर्दी के दिनों में विशेष सतर्कता बरतनी होगी। चिकित्सकों के अनुसार, व्यक्ति को उसकी क्षमता और कामकाज के तरीके के मुताबिक कैलोरी लेनी चाहिए।
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- फोटो : amar ujala
दफ्तर आदि में कार्य करने वाले लोगों को एक दिन में 1500 कैलोरी की जरूरत पड़ती है, क्योंकि वहां पर अधिक देर तक कुर्सी पर बैठा जाता है। दिन भर घूमने-फिरने वाले व्यक्ति को 1800 और मजदूरी करने वाले व्यक्ति को दो से ढाई हजार कैलोरी की जरूरत होती है। एक दिन में गर्भवती महिलाओं को भी इतनी ही कैलोरी की जरूरत होती है। इसके अलावा हर दिन 60 फीसदी कार्बोहाइड्रेट, 30 फीसदी प्रोटीन, 8 फीसदी फैट, 2 फीसदी विटामिन और मिनरल चाहिए।
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इन सभी पदार्थों की मात्रा यदि थोड़ी भी ज्यादा हो जाए तो व्यक्ति के लिए नुकसानदायक हो सकती है। खासकर सर्दियों के दिनों में इसकी मात्रा बढ़ जाती है, क्योंकि मूंगफली और तिल समेत अन्य हेल्दी फूड इसकी वजह बनते हैं। शरीर को स्वास्थ्य रखने के लिए प्रतिदिन एक व्यक्ति को कम से कम पांच लीटर पानी पीना भी जरूरी है। सर्दियों के दिनों में मूंगफली, बाजरा और तिल के लड्डू आदि अधिक खाए जाते हैं।
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तिल और मूंगफली में प्रोटीन, आयरन और एनर्जी होती है, लेकिन इनकी हल्की सी भी अधिक मात्रा शरीर के लिए भारी पड़ सकती है। असंतुलित मात्रा में खाने से खासकर हृदय रोगी का वजन बढ़ जाता है, जो नुकसानदायक होता है। साथ ही तली हुई मूंगफली और तिल आदि खाने से सांस के रोगियों का कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है। ऐसे में बेहद संतुलित मात्रा में ही इनका सेवन किया जाए।
सर्दी के समय में हेल्दी फूड डाइट के अनुसार की खाना चाहिए। असंतुलित मात्रा में खाने से शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। खासकर अस्थमा रोगियों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। नियमित तौर पर एक्सरसाइज करें और हेल्दी डाइट के साथ-साथ तले हुए खाद्य पदार्थ से भी परहेज करें। बाहर निकलने से पहले मॉस्क या कपड़ा बांधे।
- डॉ. रमेश चंद्र, चिकित्सा सिविल अस्पताल