कुत्ते को पालने के शौकीन जान लिजिए। अगर इस नस्ल कुत्ते को पाला तो जेल जाना पड़ सकता है। जान से भी हाथ धो सकते हैं, जानिए आखिर क्यों।
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दुनिया की सबसे खतरनाक ब्रीड रोटविलर
जानते ही होंगे, हाल ही में हरियाणा के पानीपत में एक कुत्ता अपने केयर टेकर को मारकर खा गया था। केयर टेकर काफी देर तक कुत्ते से जूझता रहा, लेकिन कुत्ते ने उसे नहीं बख्शा। कुत्ता इतना खूंखार हो चुका था कि वह उसे काफी देर तक नोचता रहा, पर लोगों की हिम्मत नहीं पड़ी उसे भगाने की। ये कुत्ता था, दुनिया की सबसे खतरनाक ब्रीड रोटविलर का।
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दुनिया की सबसे खतरनाक ब्रीड रोटविलर
रॉटविलर अपने एग्रेशन के लिए काफी बदनाम है। इसके चलते यूरोप और अमेरिका के कई हिस्सों में रॉटविलर को घर पर पालना बैन है, हालांकि भारत में इस ब्रीड को पालने को लेकर किसी तरह का कोई बैन नहीं है। जानवरों के लिए काम करने वाली संस्था 'एनिमल पीपुल' की एक रिसर्च के मुताबिक पिटबुल दुनिया की सबसे खतरनाक डॉग ब्रीड है। रॉटविलर दूसरे नंबर पर है।
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दुनिया की सबसे खतरनाक ब्रीड रोटविलर
इस रिसर्च में 1882 से 2012 के बीच अलग-अलग ब्रीड के कुत्तों द्वारा किए हमले में हुई मौतों और हमलों के आंकड़े को लिया गया है। एक वेटनरी डॉक्टर बताते हैं कि रॉटविलर जब गुस्से में हो तो किसी पर भी हमला कर सकता है फिर चाहे वह शेर ही क्यों न हो। ऐसा माना जाता है कि रॉटविलर प्राचीन रोम के ड्रोवर कुत्ते की नस्ल है, जो बीहड़ में रहने वाली बेहद समझदार नस्ल थी।
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दुनिया की सबसे खतरनाक ब्रीड रोटविलर
डॉक्टर बताते हैं कि इन्हें रोमन अपने साथ रखते थे। यूरोप को जीतने के लिए रोमन सेनाएं बड़ी यात्राएं करती थी। सैनिकों के भोजन के लिए मवेशियों का झुंड अपने साथ रखना होता था। रॉटविलर को इन मवेशियों को काबू रखने और रात में निगरानी के लिए रखा जाता था। इसी तरह यह नस्ल जर्मनी पहुंची थी।
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दुनिया की सबसे खतरनाक ब्रीड रोटविलर
डॉक्टर बताते हेँ कि रोटविलर नस्ल के कुत्ते का डीएनए भेड़िए के डीएनए से 99 प्रतिशत मैच करता है। पालतू कुत्तों की ट्रेनिंग और टीकाकरण करवाना जरूरी है। प्रॉपर ट्रेनिंग नहीं देने से वे काटने और व्यक्ति या अन्य जीव को मार देने तक की घटनाओं को अंजाम देते हैं। ऐसे में यदि आपके घर में डॉग है तो इन बातों का रखें खास ध्यान।
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दुनिया की सबसे खतरनाक ब्रीड रोटविलर
रोटविलर बहुत कम बीमार होने वाली ब्रीड है। इसका जबड़ा और शरीर बेहद मजबूत होता है। लंबाई 61 से 70 सेंटीमीटर होती है। इसकी उम्र औसत 8 से 10 साल होती है और वजन 60 किलो तक। देश में इस बीड के कुत्ते बहुत कम हैं और कई कंपनियां ऑनलाइन इसकी सेल करती हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, रोटविलन को पालने से पहले ट्रेनिंग जरूर दें, फिर यह खतरनाक नहीं होगा।
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दुनिया की सबसे खतरनाक ब्रीड रोटविलर
कुत्ता हमला करे तो विरोध मत कीजिए। शांत होकर लेट जाइए कुत्ते को लगना चाहिए कि वह जीत गया। नस्ल के आधार पर कुत्तों की छह से एक साल तक की ट्रेनिंग होती है। घर में खतरनाक नस्ल के कुत्ते पालने से पहले उनकी ट्रेनिंग जरूर करवा लें। बड़ी उम्र के कुत्ते लाने की बजाए छोटी उम्र से पालें और उनकी प्रॉपर ट्रेनिंग करवाई जाए। पालतू कुतों का टीकाकरण जरूर कराएं।
एक वकील के मुताबिक, इंसान को इंसान को चोट पहुंचने की आशंका से बचाने के लिए पशु मालिक को सुरक्षा का ख्याल रखना होता है। अगर वह ऐसा नहीं करता है तो दोषी होने पर छह माह की सजा या 304 के तहत उम्रकैद तक लग सकती है। हरियाणा सरकार द्वारा बनाई गई स्कीम के तहत अपराध से पीड़ित (कुत्ते काटने के मामले भी) और उनके आश्रितों के लिए 3 लाख रुपए तक मुआवजे का प्रावधान है। यदि परिवार गरीब है तो लीगल एड द्वारा खर्चा वहन किया जाएगा।