फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

BS3 वाहन खरीद लिया है तो अब आप पछताएंगे, अगर ये 4 बातें ध्यान नहीं रखेंगे

Sun, 02 Apr 2017 09:14 AM IST
amarujala.com- Written by: खुशबू गोयल
विज्ञापन
1 of 7
बीएस3 वाहनों के लिए लोगों में धक्का मुक्की - फोटो : अमर उजाला
डिस्काउंट देखते हुए बीएस3 वाहन खरीद लिया तो अब आपको पछताना पड़ेगा, अगर आप इन चार बातों का ध्यान नहीं रखेंगे। देखिए बड़े काम की खबर।
विज्ञापन

2 of 7
बीएस3 वाहनों के लिए लोगों में धक्का मुक्की
दरअसल, 2020 तक देश में बीएस 6 नॉर्म्‍स को लागू कर दि‍या जाएगा। ऐसे में आपके अभी खरीदे गए बीएसी 3 व्‍हीकल्‍स की रीसेल वैल्यू बिल्कुल कम हो जाएगी। इसके अलावा एक जोखि‍म यह भी है कि‍ जब देश में बीएस 4 व्‍हीकल्‍स के आने के कुछ साल बाद बीएस 3 गाड़ि‍यों के डिस्पोजल का अनिवार्य नियम बन गया तो आपको इसे कबाड़ बनाकर ही बेचना पड़ेगा।
विज्ञापन

3 of 7
बीएस3 वाहनों के लिए लोगों में धक्का मुक्की
सरकारी नियम के मुताबिक, 1 अप्रैल 2017 के बाद बीएस-3 वाहनों की रजिस्ट्री नहीं होगी। ऐसे में ये जरूर देख लें कि जो वाहन खरीदा है, उसके कागजों में 31 मार्च के बाद की तारीख न हो। अगर ऐसा हुआ तो आपका वाहन बेकार हो जाएगा। क्योकि 1 अप्रैल के बाद जब आप रजिस्ट्रेशन कराने जाएंगे तो आपको ये प्रमाण देना होगा कि आपने ये वाहन 1 अप्रैल 2017 से पहले खरीदा है।

4 of 7
बीएस3 वाहनों के लिए लोगों में धक्का मुक्की
कुछ जगहों पर (खासकर महानगरों को छोड़कर), आरटीओ ऑफिस ने आपसी सहमति से डीलरों को एक विकल्प दे दिया है। आरटीओ ने डीलरों को सहूलियत दी है कि उन बीएस 3 वाहनों की इनवॉइस बना लें जो अब तक नहीं बिक पाई हैं। एक सप्ताह के भीतर ही ग्राहकों को उनकी डीटेल दें दे। ऐसे में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता जैसे महानगरों में कारों पर ऐसी छूट जोखिम भरी है। इन जगहों पर अब BS-3 वाहनों के रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाएंगे।
विज्ञापन

5 of 7
शोरूम पर उमड़ी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
एक और ध्यान देने वाली बात ये है, 2020 तक वाहनों के लिए बीएस 6 उत्सर्जन नियम लागू कर दिए जाएंगे। ऐसे में आप जिस बीएस-3 वाहन की कीमत बिल्कुल कम हो जाएगी। एक स्थिति में ही बीएस-3 वाहनों की रिसेल वैल्यू बढ़ेगी। अगर सरकार इस बाबत कोई पॉलिसी लागू कर दे। जिसकी संभावना कम है। ऐसे में आज के वक्त में लगाया हुआ पैसा, 3 साल बाद नुकसान का सौदा भी लग सकता है।
विज्ञापन

6 of 7
सु्प्रीम कोर्ट - फोटो : SELF
गौरतलब है कि देशभर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अहम फैसला सुनाया था। 1 अप्रैल 2017 से ऑटो निर्माता कंपनियां बीएस-3 गाड़ियां नहीं बेच पाएंगी. इससे वाहन निर्माता कंपनियों को बड़ा झटका लगा। कंपनियों के स्टॉक में करीब 8.2 लाख गाड़ियां हैं। कोर्ट ने कहा कि कंपनियों को पता था कि 1 अप्रैल 2017 से BS 4 गाड़ियां ही बेची जा सकेंगी। इसके बावजूद कंपनियों ने स्टाक खत्म नहीं किया।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
traffic
कोर्ट ने यह भी कहा कि सड़क पर चलने वाली गाड़ियों के अनुपात में संख्या कम हो, लेकिन लोगों के स्वास्थ्य को ताक पर नहीं रखा जा सकता। दरअसल-सरकार का नए वाहनों पर जोर है, जिसके लिए 1 जनवरी 2014 को नोटि‍फि‍केशन जारी हुआ था, जिसमें कंपनियों को बीएस-4 लागू करने के निर्देश दिए गए। नया नियम 1 अप्रैल, 2017 से लागू हो गया है।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें