भक्तों के अनुसार रविवार सुबह दस बजे के करीब कीर्तन खत्म हुआ और अरदास होनी थी। दोनो गुट अपने गुरु की अरदास करवाने की मांग को लेकर अड़े रहे। ऐसे में शुरू हुआ विवाद।
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गुरु के दरबार में भिड़े नामधारी गुट
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नामधारियों में अरदास को लेकर पंजाब में पहले भी कई जगह विवाद हो चुके हैं। सतगुरु जगजीत सिंह के वर्ष 2012 में निधन के बाद ही उनके उत्तराधिकार को लेकर गद्दी विवाद चला आ रहा है।
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गुरु के दरबार में भिड़े नामधारी गुट
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दोनों गुट दावा करते हैं कि सतगुरु जगजीत सिंह अपने रहते ही उनके सतगुरु को उत्तारधिकारी घोषित कर गए थे।
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पुलिस और अधिकारियों के पहुंचने के बावजूद तीन घंटे तक गुरुद्वारे में तनातनी का माहौल रहा। अधिकारी दोनो गुटों को शांत करवाने में जुटे रहे।
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गुरु के दरबार में भिड़े नामधारी गुट
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घायलों में महिलाएं भी शामिल हैं। करीब आधे घंटे तक मारपीट चलती रही और पुलिस ने मौके पर पहुंच कर दोनों गुटों को शांत करवाया।