बाबा हरदेव सिंह के निधन के बाद निरंकारी मिशन की गद्दी पर पहली बार एक महिला बैठेंगी। इसके लिए रात तक चले मीटिंगों के दौर में 4 नाम पर चर्चा हुई।
विज्ञापन
2 of 6
sudiksha
बाबा के उत्तराधिकारी के लिए पहले उनकी बेटी सुदीक्षा के नाम की चर्चा थी, उसके बाद बड़े दामाद संदीप खिंडा को जिम्मेदारी देने की अटकलें फैली, मगर संत निरंकारी मंडल ने इस संबंध में मंगलवार रात फैसला लेते हुए बाबा की पत्नी सविंदर कौर को उनका उत्तराधिकारी बना दिया।
विज्ञापन
3 of 6
savinder kaur
अब निरंकारी मिशन के श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन उनकी पत्नी सविंद्र कौर जी करेंगी। निरंकारी मिशन की परंपरा के अनुसार बीते तीन गुरु एक ही परिवार के हुए हैं। इससे पहले बाबा हरदेव सिंह जी उनकी पत्नी सविंदर कौर और उनकी माता कुलवंत कौर स्टेज पर बैठकर श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करते थे।
4 of 6
savinder kaur
दामाद संदीप का नाम क्यों?: निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी के कार्यकाल में भी संदीप खिंडा ही मिशन का अधिकतर कामकाज देखते थे। एक तरफ जहां मिशन की कार्यप्रणाली को लेकर प्रचार विभाग के सभी कामों में वह अहम भूमिका निभाते आए हैं। लंबे समय से वह इंग्लैंड स्थित अपने काम को छोड़कर नई दिल्ली में मिशन की सेवा में जुटे हुए हैं।
विज्ञापन
5 of 6
Savinder Kaur
बाबा जी की छोटी बेटी सुभिक्षा को गुरु गद्दी पर बिठाए जाने की चर्चा चलती रही। अधिकांश अनुयायियों का मानना था कि बाबा की बेटी सुदीक्षा को मंडल की जिम्मेदारी देनी चाहिए, क्योंकि मंडल की गतिविधियों में वे काफी सक्रिय रहती हैं। वहीं, मिशन के चेयरमैन गोबिंद के नाम की भी चर्चा रही। बताया गया है कि गोबिंद सिंह की आयु अधिक होने के कारण यह कमान उन्हें नहीं सौंपी जा सकती।
निरंकारी मिशन के पब्लिसिटी इंचार्ज कृपा सागर ने बताया कि आज शाम को 3 से 7 बजे तक एक श्रद्धांजलि सामरोह रखा गया है। इस समारोह में मिशन की कमान संभालने के लिए किसी को स्टेज पर बैठाना होता है। ऐसे में सविंदर कौर जी के नाम की घोषणा की जा सकती है। छोटी बेटी सुदीक्षा को मिशन में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।