बाबा हरदेव सिंह के निरंकारी मिशन की 27 देशों में 2000 शाखाएं हैं और एक करोड़ से ज्यादा अनुयायी हैं। मिशन का नाम गिनीज बुक में भी दर्ज है।
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बाबा हरदेव सिंह निरंकारी मिशन
- फोटो : फाइल फोटो
बाबा हरदेव सिंह 27 अप्रैल 1980 में अपने पिता के देहांत के बाद गद्दी पर बैठे थे। तब से लेकर अब तक बाबा हरदेव सिंह ने देश व विदेशों में मिशन का प्रचार किया व समाज सेवा के जुड़े कई कार्य किए। वे बहुत मिलनसार और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। कभी भी इनका कोई विवाद सामने नहीं आया। बाबा साफ-सफाई के काम में भी कभी पीछे नहीं रही। वे खुद भी गंदगी साफ किया करते थे।
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बाबा हरदेव सिंह निरंकारी मिशन
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बाबा हरदेव सिंह रक्तदान किया करते थे। उनसे प्रेरित होकर ही निरंकारी कैंपों में एक दिन में 70 हजार लोगों ने रक्तदान किया। इसके लिए मिशन का नाम गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया। बाबा हरदेव सफाई अभियान, वृक्षारोपण जैसे कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते थे। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई सामूहिक विवाह भी करवाए।
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बाबा हरदेव सिंह निरंकारी मिशन
- फोटो : फाइल फोटो
निरंकारी मिशन की स्थापना 1929 में बाबा बूटा सिंह ने रावलपिंडी में की थी। 1947 में बंटवारे के बाद मिशन का मुख्यालय दिल्ली में बनाया गया। दुनियाभर के 27 देशों में मिशन की 2000 से अधिक शाखाएं हैं। इस समय एक करोड़ से अधिक अनुयायी मिशन के सदस्य हैं। पिता के निधन के बाद जब बाबा हरदेव सिंह जी ने गद्दी संभाली तो इनके सामाजिक कार्यों के कारण पिछले दो दशक में फ़ॉलोअर की यह संख्या करोड़ों में पहुंच गई।
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बाबा हरदेव सिंह निरंकारी मिशन
- फोटो : फाइल फोटो
1954 में 23 फरवरी को बाबा हरदेव का जन्म दिल्ली में हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई पटियाला में वाईपीएस से हुई। बाद में दिल्ली के संत निरंकारी कॉलोनी में रोसरी स्कूल और ग्रेजुएशन दिल्ली यूनिवर्सिटी से की। 1929 मेंरावलपिंडी से हुई थी मिशन की शुरुआत। इसे सहजधारी सिख बाबा दयाल सिंह ने शुरू किया था। 1971 मेंउन्होंने निरंकारी सेवा दल ज्वाइन किया। 1975 में फर्रुखाबाद की सविंदर कौर से शादी की थी।
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बाबा हरदेव सिंह निरंकारी मिशन
- फोटो : फाइल फोटो
बताया जा रहा है कि बाबा हरदेव सिंह और उनके दामाद अवनीत सेतया तेज रफ्तार के कारण हादसे का शिकार हुए। हादसा न्यूयार्क से कनाडा के मॉन्ट्रियल जाते वक्त हुआ। कार की रफ्तार 200 से 300 किमी थी। तभी यह पलट गई। हादसे की जांच कर रही क्यूबैक पुलिस कर रही है। पुलिस की प्रवक्ता क्रिस्टीन कोलम्बी का कहना है कि गाड़ी तेज रफ्तार के कारण बेकाबू होकर पलटी।
बताया जा रहा है कि गाड़ी में बाबा के साथ उनके दामाद अवनीत सेतिया और सन्नी थे। एक अन्य व्यक्ति भी साथ था। गाड़ी सन्नी ड्राइव कर रहे थे। चारों न्यूयॉर्क से मॉन्ट्रियल आ रहे थे। कनाडा के बीहोरनिसस में गाड़ी बेकाबू होकर अपनी लेन छोड़ दूसरी तरफ चली गई और डिच से टकराकर कई बार पलटी। उसके बाद लोगों ने चारों को अस्पताल पहुंचाया।