अगर आप चंद्रग्रहण के प्रकोप से बचना चाहते हैं तो भूलकर भी ये 7 गलतियां न करें। ज्योतिषियों ने कुछ उपाय बताए हैं, जिससे ग्रहण का असर नहीं पड़ेगा।
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lunar eclipse
चंद्रग्रहण के समय तीन सूखे नारियल और सवा किलो सतनाजा प्रातरू दान में दें या जल प्रवाह करने से भी ग्रहण का प्रभाव कम होता है। जिनकी कुंडली में चंद्रग्रहण का दोष हो तो उनको अपने जीवनकाल में पड़ने वाले हर पूर्ण सूर्य ग्रहण एवं चंद्रग्रहण के समय सूर्य अथवा चंद्रमा का दान करना चाहिए। इसमें काले तिल, सफेद तिल, काली उड़द एवं गेहूं शामिल है। किसी एक ग्रहण पर तुला दान अवश्य करें।
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lunar eclipse 2019
- फोटो : ani
चंद्रग्रहण में 3 पहर पूर्व भोजन नहीं करना चाहिए। बुजुर्ग, बालक और रोगी डेढ़ प्रहर पूर्व तक खा सकते हैं। जिन पदार्थों में कुश या तुलसी की पत्तियां डाल दी जाती हैं, वे पदार्थ दूषित नहीं होते। ग्रहण वेद के प्रारंभ में तिल या कुश मिश्रित जल का उपयोग नहीं करना चाहिए। ग्रहण शुरू होने से अंत तक अन्न या जल नहीं लेना चाहिए। ग्रहण के समय तुलसी और शमी के पेड़ को नहीं छूना चाहिए।
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- फोटो : ani
कैंची, चाकू या फिर किसी भी धारदार वस्तु का प्रयोग नहीं करना चाहिए। किसी को किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं देना चाहिए। ग्रहण में किसी भी भगवान की मूर्ति और तस्वीर को स्पर्श नहीं चाहिए। इतना ही नहीं सूतक के समय से ही मंदिर के दरवाजे बंद कर देने चाहिए। ग्रहण के दिन सूतक लगने के बाद छोटे बच्चे, बुजुर्ग और रोगी के अलावा कोई व्यक्ति भोजन नहीं करे।
गर्भावस्था की स्थिति में ग्रहण के समय अपने कमरे में बैठ कर के भगवान का भजन ध्यान मंत्र या जप करें। ग्रहण के बाद घर की अच्छी तरह सफाई करें और पूरे घर में धूप या अगरबत्ती का धुआं दिखाएं। चंद्रग्रहण के बाद पितरों को याद करें व उनके नाम पर दान दें। ऐसा करने से ग्रहण का प्रभाव उतर जाएगा। ग्रहण के बाद शिव पूजा भी फायदेमंद मानी गई है। अगर आप ये पूजा किसी मंदिर में जाकर करें तो बेहतर होगा।