सांकेतिक तस्वीर
उक्त व्यक्ति एक दूसरा कार्ड पीओएस मशीन में लगाए रहता है और पिन नंबर दिल्ली में बैठे हैंडलर को बता देता है। जितनी देर एटीएम कार्ड मशीन में रहता है, उतनी देर में ही उस कार्ड की सारी जानकारी दिल्ली निवासी रवि जुटा लेता है। इसके साथ ही पीओएस मशीन में लगे फर्जी कार्ड में ही असली एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर लिया जाता है। साथ ही दिल्ली निवासी रवि यह भी बता देता है कि बैंक खाते में कितनी राशि है। इसी का सहारा लेते हुए इन दोनों शातिरों ने हाट निवासी ओमप्रकाश को निशाना बनाया। अब आप कभी भी एटीएम में जाएं तो आस-पास किसी को भी खड़ा होने न दें, नहीं तो आप भी ठगी का शिकार हो सकते हैं।