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उम्र 101 साल, रीढ़ की हड्डी टेढ़ी, पर हिम्मत नहीं छोड़ी और बना दिया वर्ल्ड रिकॉर्ड

Thu, 27 Apr 2017 09:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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एथलीट मान कौर
101 साल की उम्र हो गई और रीढ़ की हड्डी भी टेढ़ी है, पर हिम्मत नहीं छोड़ी। ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया कि उसेन बोल्ट की सांसें भी थम गई होंगी एक बार तो।
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एथलीट मान कौर
हम बात कर रहे हैं, सोमवार को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड शहर में हुए विश्व मास्टर्स खेलों में 100 मीटर की फर्राटा दौड़ में बने वर्ल्ड रिकॉर्ड की। इसे बनाने वाली हैं चंडीगढ़ की 101 वर्षीय रनर मान कौर। उन्होंने इस रेस में गोल्ड मेडल जीतकर पूरे दुनिया को संदेश दिया है कि उम्र तो महज एक नम्बर है। हौसलों की उड़ान के आगे उम्र की दीवार भी छोटी पड़ जाती है।
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एथलीट मान कौर - फोटो : अमर उजाला
वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाली मान कौर को 'मिरेकल ऑफ चंडीगढ़' नाम दिया गया है। मान कौर ने एक मिनट 14 सेकेंड में ना सिर्फ दौड़ पूरी की, बल्कि स्वर्ण पदक भी जीता। उनके इस कारनामे को देखकर सभी हैरान है। उन्होंने उसैन बोल्ट के 2009 में बनाए गए 100 मीटर के विश्व रिकार्ड से 64.42 सेकेंड का अधिक समय लिया, वरना उसेन बोल्ट भी पीछे रह जाते।

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एथलीट मान कौर - फोटो : फाइल फोटो
न्यूजीलैंड में जीता गया गोल्ड मेडल मान कौर के करियर का 17वां गोल्ड मेडल है। बता दें कि 100 मीटर की प्रतिस्पर्धा में मान कौर अपनी कैटेगरी में अकेली ही धावक थीं। मेडल जीतने के बाद मान कौर ने कहा कि मैंने इस रेस का आनंद लिया और मैं बेहद खुश हूं। मैं अभी रुकने वाली नहीं हूं, दौड़ना जारी रखूंगी। मरते दम तक दौड़ती रहूंगी।
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एथलीट मान कौर - फोटो : फाइल फोटो
इससे पहले कनाडा में वैंकूवर में हुई मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मान कौर ने 100 मीटर रेस, 200 मीटर रेस, भाला फेंक, गोला फेंक में हिस्सा लेते हुए चार गोल्ड मेडल जीते थे। मेडल जीतने की सूचना के बाद चंडीगढ़ स्थित उनके घर में खुशी का माहौल है। मान कौर 1 मार्च को 101 वर्ष की हो गई थी। उम्र के इस दहलीज पर आकर उनके जोश और उत्साह में कोई कमी नहीं आई है।
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एथलीट मान कौर - फोटो : फाइल फोटो
मान कौर की बेटी 59 वर्षीय अमृत कौर बताती हैं कि वह आज भी सुबह और शाम नियमित रूप से सैर और योगा करती हैं। इसके साथ ही कई बार तो सब को हटाकर खाना भी खुद ही बनाने लगती हैं। पटियाला में 1916 में जन्मी मान को बाजार के खान-पान से परहेज है। उनकी सुबह के नाश्ते की शुरुआत जूस से होती है। पूरे दिन में सुबह और रात को ही वह सादा खाना खाती हैं।
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एथलीट मान कौर - फोटो : फाइल फोटो
मान कौर के बेटे गुरदेव सिंह भी वेटरन एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं। बेटे के आग्रह पर ही मान कौर ने वेटरन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू किया था। मान कौर ने 93 वर्ष की अवस्था से एथलेटिक्स शुरू की। मान कौर अब तक अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं। कनाडा में बस चुके उनके बेटे के कंधों पर अपनी मां के किसी भी स्तर के टूर्नामेंट में प्रतिभागिता की जिम्मेदारी होती है।
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एथलीट मान कौर - फोटो : फाइल फोटो
सुबह छह बजे उठकर पूजा के बाद रोजाना अभ्यास करना उनकी दिनचर्या में शामिल है। वे जोगिंग भी करती हैं। मान कौर कहती हैं कि मेरा बेटा गुरदेव जो भी करता हैं, मैं उसी का अनुसरण करती हूं। मैं अपने बेटे के साथ रोज अभ्यास करती हूं। खुद को फिट और स्वस्थ रखना मुझे पसंद है। हालांकि मेरी रीढ़ की हड्डी टेढ़ी हो चुकी है, लेकिन मैं दौड़ना नहीं छोड़ूंगी।
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