राष्ट्रपति से अर्जुन अवार्ड लेने के बाद तीरंदाज संदीप कुमार ने पत्रकारों से अपनी कामयाबी का बड़ा सीक्रेट साझा किया। जानिए क्या बोले वे?
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हरियाणा के इस लाल को मिला अर्जुन अवार्ड, मिलिए
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संदीप कुमार बताते हैं कि यह सम्मान मिलने से उनके घर में खुशी का माहौल है। राष्ट्रप्रति के हाथों सम्मान हासिल करना, वो भी अर्जुन अवार्ड, यह मेरे लिए और मेरे परिवार के लिए गर्व की बात है।
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संदीप बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही तीरंदाजी का शौक था। उनके पिता राजसिंह आर्मी से सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर हैं। वे 2009 में आर्मी में भर्ती हुए और वहां प्रशिक्षक सुनील ने इनके कॅरियर को संवारा।
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संदीप ने कहा कि जीवन में सपने तो बहुत होते हैं, सपनों के बारे में बात नहीं की जाए, तो ही अच्छा है। एशियाई खेलों में गोल्ड समेत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुल सात पदक जीत चुके संदीप ने कहा कि सोचा नहीं था कि इतना जल्दी अर्जुन अवॉर्ड मिल जाएगा। पिछले साल मेरे दोस्त को अर्जुन अवॉर्ड मिला था, अब मुझे मिल रहा है। पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।
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सम्मान समारोह से पहले अमर उजाला के साथ बातचीत में संदीप कुमार ने बताया कि अर्जुन अवॉर्ड मिलना अपने आप में सपना सच होने जैसा है। इस मौके पर मेरे दादाजी, माता-पिता, पत्नी भी मेरे साथ हैं, तो यह क्षण और भी खास है।
संदीप कुमार अपनी सफलता का श्रेय प्रशिक्षक सुनील को देते हैं। सुनील ने बताया कि संदीप का फोकस हमेशा एशियन चैंपियनशिप पर ही होता है। संदीप की इसी साल 27 अप्रैल को आरती के साथ शादी हुई है। उनके परिवार में दादा रूपचंद, पिता राज सिंह, माता राजबाला व छोटा भाई अजय है।