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पुरातत्वविदों के शोध में उभरा जमीन से मिले कंकालों का सच

Wed, 17 Feb 2016 05:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
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हिसार के राखी गढ़ी गांव में बीते दिनों जमीन की खुदाई से मिले कंकालों की शोध में जुटे पुरातत्वविदों ने पुराने सभी दावों को झुठला दिया है।
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पुरातत्वविदों के शोध में उभरा जमीन से मिले कंकालों का सच

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पुरातत्वविद कहते हैं कि हिसार के राखी गढ़ी गांव की सभ्यता हड़प्पा और मोहनजोदड़ो से पुरानी है। राखी गढ़ी सिंधु घाटी सभ्यता के सबसे बड़े और प्राचीन माने जाने वाले हड़प्पा और मोहनजोदड़ो से ढाई गुणा बढ़ा शहर था। सिंधु घाटी सभ्यता ईसा पूर्व 7500 वर्ष पुरानी मानी जाती है।
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वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु कहते हैं कि मोहनजोदड़ो और हड़प्पा से मिले अवशेषों के आधार पर उसे ही सबसे पुरानी सभ्यता माना जाता था, लेकिन राखी गढ़ी से खुदाई के दौरान मिले कंकाल पर जब शोध किया गया तो सामने आया कि यह कंकाल मोहनजोदड़ो और हड़प्पा से भी एक हजार साल पुराना है।

पुरातत्वविदों के शोध में उभरा जमीन से मिले कंकालों का सच

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राखी गढ़ी का कुल क्षेत्रफल आठ किलोमीटर में फैले होने की बात भी सामने आई है। पुरातत्वविद राखी गढ़ी सभ्यता पर किए गए शोध में सारी बातें प्रमाणित कर चुके हैं। राखी गढ़ी से मिले अवशेषों पर शोध जारी है। शोध कार्य पूरा होने तक सभ्यता से जुड़ी महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक जानकारियां सामने आ सकती हैं।
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मोहनजोदड़ो और हड़प्पा शहरों में मिले अवशेषों के अनुसार घरों के सामने नालियां थी लेकिन उन नालियों का सीधा कनेक्शन घरों से नहीं था। मगर राखी गढ़ी में मिले अवशेषों पर हुए शोध में सामने आया है कि यहां घर के बाहर बनी नालियों का सीधा कनेक्शन घरों से था, ताकि पानी की निकासी आसानी से हो सके।
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बता दें कि राखी गढ़ी में खुदाई के दौरान सात स्तूप सहित कुछ नर कंकाल और अन्य चीजों के अवशेष मिले थे। इसके बाद राज्य पुरातत्व विभाग ने राखी गढ़ी में राज्य स्तरीय संग्रहालय बनाने की घोषणा की थी। इसके लिए ग्राम पंचायत ने जमीन भी मुहैया करवाई थी। अवशेषों पर शोध भी उसी समय शुरू हो गया था।
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