बॉलीवुड शहंशाह अमिताभ बच्चन की 'जंजीर' समेत कई फिल्मों में अभिनय का जलवा दिखा चुके ये अभिनेता पिछले 4 महीने से अस्पताल में हैं, लेकिन पूछने वाला कोई नहीं है। देखिए, कौन हैं ये?
विज्ञापन
अमिताभ के ये सहनायक आज अस्पताल में, पूछने वाला कोई नहीं
2 of 8
ये अभिनेता हैं सतीश कौल। बॉलीवुड में वे ‘भक्ति में शक्ति’ (1978), ‘डांस डांस’ (1987), ‘राम लखन’ (1989), ‘एलान’ (1994), ‘जंजीर’ (1998) और ‘प्यार तो होना ही था’ (1998) जैसी फिल्मों में नजर आए तो पंजाबी में ‘जट पंजाबी’ (1979), ‘छम्मक छल्लो’ (1982), ‘ससी पन्नू’ (1983), और ‘पटोला’ (1987) जैसी फिल्में की हैं।
विज्ञापन
अमिताभ के ये सहनायक आज अस्पताल में, पूछने वाला कोई नहीं
3 of 8
पंजाबी सिनेमा के महशूर अभिनेता सतीश कौल आज गुमनामी की जिंदगी जी रहे हैं। वे मोहाली के पास स्थित ज्ञान सागर अस्पताल में भर्ती हैं लेकिन उनका हालचाल पूछने वाला कोई भी नहीं। अस्पताल प्रशासन ही उनकी देखभाल कर रहा है।
अमिताभ के ये सहनायक आज अस्पताल में, पूछने वाला कोई नहीं
4 of 8
एक वक्त था जब उनके चाहने वालों की संख्या हजारों-लाखों में हुआ करती थी। उनकी एक झलक पाने के लिए फैन्स उमड़ पड़ते थे और आज न उनके पास संपत्ति है और न ही धन-दौलत। वे अस्पताल के बैड पर पड़े दरवाजे की और टकटकी लगाए रहते हैं कि शायद कोई अपना हालचाल ही पूछने वाला आ जाए। डॉक्टर्स की मानें तो सतीश डिप्रेशन का शिकार हैं। इसके अलावा उन्हें कोई बीमारी नहीं।
विज्ञापन
अमिताभ के ये सहनायक आज अस्पताल में, पूछने वाला कोई नहीं
5 of 8
वे यह भी बताते हैं कि किसी ने उन्हें चार महीने पहले अस्पताल में भर्ती कराया था। तब से अब तक उनके परिवार से कोई भी उनसे मिलने नहीं आया।वैसे खबरों की मानें तो फिल्मों में व्यस्तता के चलते सतीश अपना घर नहीं बसा सके। खबरों की मानें तो फिल्मों से गायब होने के बाद कुछ साल पहले उन्हें लुधियाना के घंटाघर चौक पर देखा गया था। वे यहां घड़ियां ठीक करने का काम कर रहे थे। तब उनके किसी चाहने वाले ने ही उन्हें वृद्धाश्रम पहुंचाया।
विज्ञापन
अमिताभ के ये सहनायक आज अस्पताल में, पूछने वाला कोई नहीं
6 of 8
8 सितंबर 1954 को कश्मीर में जन्मे सतीश ने पंजाबी और बॉलीवुड की 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। कहा जाता है कि बॉलीवुड से ज्यादा वे पंजाबी सिनेमा में ही पॉपुलर थे। एक दौर में उनकी पॉपुलेरिटी को देखकर जट के नाम से बनने वाली हर फिल्म में सतीश को बतौर हीरो साइन किया जाता था।
विज्ञापन
अमिताभ के ये सहनायक आज अस्पताल में, पूछने वाला कोई नहीं
7 of 8
साल 2013 में पंजाबी चैनल PTC ने सतीश को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया था। बताया जाता है कि सतीश ने जीवन यापन के लिए एक एक्टिंग स्कूल भी खोला था लेकिन वह चल नहीं सका। खबरों के अनुसार अस्पताल के एक कर्मचारी ने सतीश का ऑडियो मैसेज रिकॉर्ड कर सोशल साइट्स पर वायरल किया है। इसमें वे कह रहे हैं कि उन्हें आज बहुत बुरा लग रहा है। वे हर वक्त मौत का रास्ता देख रहे हैं न जानें किन पापों की सजा मिल रही है।
अमिताभ के ये सहनायक आज अस्पताल में, पूछने वाला कोई नहीं
8 of 8
गौरतलब है कि सतीश का बाथरूम में पैर फिसलने के कारण चूल्हा उतर गया था, जिस कारण वह पटियाला के नारायण अस्पताल में भर्ती थे। इनके इलाज पर अब तक डेढ़ लाख के करीब ख़र्च हो चुका है। अब सतीश कौल की तरफ से अपनी बीमारी पर ख़र्च हुए पैसे देने भी कठिन हो गए हैं। उन के इलाज के लिए न कोई प्रशंसक, न ही कोई समाज सेवीं संस्था और न ही राज्य सरकार आगे आ रही है।