चंडीगढ़ में हुए अमर उजाला एमएसएमई हरियाणा कॉन्क्लेव 2016 के तहत प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ 35 उद्यमियों को अवार्ड दिए गए। देखिए तस्वीरें।
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MSME कॉन्क्लेवः बेस्ट 35 उद्यमियों को दिए गए अवार्ड
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एमएसएमई हरियाणा अवार्ड-2016 इसके लिए उद्यमियों से 15 जनवरी से 31 जनवरी तक ऑनलाइन/ऑफलाइन आवेदन मांगे गए थे। सैंकड़ों की संख्या में आवेदन पत्र मिले। विशेष ज्यूरी ने इन आवेदनों पर मंथन किया और 35 कंपनियों को विभिन्न श्रेणियों के तहत अवार्ड के लिए चुना, जिन्हें आज होटल जे डब्ल्यू मैरियट में आयोजित अमर उजाला के एमएसएमई हरियाणा कॉन्क्लेव में कैबिनेट मंत्री कलराज मिश्र ने सम्मानित किया।
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मैजिक ऑफ हर्ब्स को एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग की सूक्ष्म श्रेणी के तहत बेस्ट एमएसएमई का अवार्ड दिया गया। यह अंबाला की माइक्रो श्रेणी की इकाई है। इसका एक कमरे से शुरू किया गया कॉस्मेटिक का कारोबार आज कई देशों तक अपनी पहचान बना चुका है। इसका सारा श्रेय जाता है महिला उद्यमी और सौंदर्य विशेषज्ञ परवेश हांडा को। इनके नाम पांच वर्ल्ड और पांच नेशनल रिकार्ड भी है।
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मस्ताना फूड्स प्राइवेट लिमिटेड को एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग की मध्यम श्रेणी के तहत बेस्ट एमएसएमई का अवार्ड दिया गया। कंपनी की ओर से अवार्ड संपन्न खुराना ने लिया। यह कैथल की मीडियम श्रेणी की चावल उत्पादन और निर्यात से जुड़ी इकाई है। वर्ष 1999 में इसकी स्थापना हुई। बेहतर गुणवत्ता के लिए आईएसओ 22000: 2005 सर्टिफिकेट मिला। कंपनी 217 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार दे रही है। पिछले साल कुल कारोबार 436.41 करोड़ का रहा। इसमें करीब आधी आय निर्यात (206.27 करोड़) से थी।
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श्री जगदंबा एग्रीको एक्सोपर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग की मध्यम श्रेणी के तहत ज्वाइंट प्राइस बेस्ट एमएसएमई का अवार्ड दिया गया। यह करनाल के घरोंडा स्थित एक मध्यम श्रेणी की इकाई है। यह अपने कुल चावल उत्पादन का 80 फीसदी का निर्यात करती है। कंपनी की स्थापना 1981 में लाला जयकिशन गोयल जी ने की थी। कठिन समय में उनके पुत्र सतीश गोयल और ज्ञान भूषण ने इसे न सिर्फ आगे बढ़ाया बल्कि नए आयाम दिए।
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लेख राज नरेंद्र कुमार को एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग की लघु श्रेणी के तहत बेस्ट एमएसएमई का अवार्ड दिया गया। कंपनी की ओर से इसके पार्टनर नरेंद्र कुमार और अमित मिगलानी ने अवार्ड ग्रहण किया। यह कैथल की लघु श्रेणी की चावल उत्पादन और निर्यात से जुड़ी इकाई है। इसकी स्थापना 1974 में हुई। वर्ष 1989 से चावल निर्यात कर रही है। पिछले वित्तवर्ष में इसके कुल कारोबार 390.32 करोड़ में से 356.30 करोड़ निर्यात राजस्व था। इस तरह देश के लिए विदेशी मुद्रा अर्जित करने में यह लघु इकाई अपना बड़ा योगदान दे रही है।
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राजश्री इंडस्ट्रीज को ऑटो/स्टील पार्ट्स की मध्यम श्रेणी के तहत बेस्ट एमएसएमई का अवार्ड दिया गया। यह फरीदाबाद की मध्यम श्रेणी की ऑटो स्टील पार्ट्स उत्पादक इकाई है। इसकी स्थापना 1984 में हुई। गुणवत्ता के लिए आईएसओ 9001- 2008 से प्रमाणित। यह एक तेजी से प्रगति कर रही इकाई है। वित्तवर्ष 2005-06 में जो टर्न ओवर 2 करोड़ था वह पिछले वित्त वर्ष में करीब साढ़े चार गुना बढ़ कर 9 करोड़ तक पहुंच गया।
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पंच ऑटो ऑटो/स्टील पार्ट्स की लघु श्रेणी के तहत बेस्ट एमएसएमई का अवार्ड दिया गया। कंपनी के प्रोपराइटर सीबी गोयल ने अवार्ड लिया। यह पंचकूला की एक लघु श्रेणी इकाई है जो ट्रेक्टर के गियर्स, शाफ्ट्स आदि का निर्माण करती है। वर्ष 1983 में इसकी स्थापना हुई थी। कंपनी के ग्राहकों की सूची में सोनालिका इंटरनेशनल, महिंद्रा, एचएमटी और स्वराज जैसे बड़े नाम हैं। पिछले वित्तवर्ष में कुल कारोबार 5 करोड़ 45 लाख रहा। यह 31 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार दे रही है।
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बजाज नायलोन एंड प्लास्टिक को रसायन एवं फार्मास्युटिकल की मध्यम श्रेणी के तहत बेस्ट एमएसएमई का अवार्ड दिया गया। कंपनी की ओर से अरुण बजाज ने अवार्ड लिया। यह फरीदाबाद की मध्यम श्रेणी की इकाई है, जो पॉलिथिन, ईपीई शीट-बैग्स, श्रिंक-स्ट्रेच फिल्म्स और कवर का निर्माण करती है। कंपनी तेजी से प्रगति कर रही है। पिछले पांच साल में इसका टर्न ओवर 8.64 करोड़ से बढ़कर 14.3 करोड़ हो गया है।
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मैक्नील एंड अर्गुस फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड को बेस्ट एमएसएमई का अवार्ड दिए गया। अवार्ड कंपनी के चेयरमैन डॉ. गुरदेव दत्त छिब्बड़ ने ग्रहण किया। यह अंबाला कैंट की लघु श्रेणी की इकाई है, जो एचआईवी संक्रमित और एड्स पीड़ितों के लिए एंटीरिट्रोवायरल दवाएं एवं स्वाइन फ्लू के लिए एंटी वायरल दवाएं बनाती है। कंपनी 27 देशों को अपनी एंटीरिट्रोवायरल दवाएं भेजती है। यह अपनी दवाएं देश में गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान और आंध्रप्रदेश को सप्लाई करती है। कंपनी की स्थापना 1979 को हुई थी।
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कोस्मो जीनको्स इंडस्ट्रीज रसायन एवं फार्मास्युटिकल की सूक्ष्म श्रेणी के तहत बेस्ट एमएसएमई का अवार्ड दिया गया है। यह पंचकूला की सूक्ष्म श्रेणी की इकाई है।
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डायमंड एक्सपोर्ट्स को गारमेंट्स/हेंडलूम की सूक्ष्म श्रेणी के तहत बेस्ट एमएसएमई का अवार्ड दिया गया है। कंपनी की ओर से रमेश वर्मा ने अवार्ड ग्रहण किया। यह पानीपत की एक सूक्ष्म श्रेणी की इकाई है जो कुशन कवर, रग्स, बाथ मेट्स आदि का निर्माण करती है। कंपनी की स्थापना वर्ष 2001 में हुई। इसके प्रोपराइटर रमेश वर्मा संकटकाल में आगे बढ़कर योगदान करते हैं। यह सूक्ष्म इकाई 215 लोगों को रोजगार दे रही है। इनमें 68 महिलाएं हैं। पिछले वित्तवर्ष में कंपनी की कुल आय 22 लाख से ज्यादा थी।
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गुप्ता टैक्सटाइल्स को गारमेंट्स/हेंडलूम की लघु श्रेणी के तहत बेस्ट एमएसएमई का अवार्ड दिया गया। यह पानीपत की लघु श्रेणी की इकाई है। जो हेंडलूम कार्पेट्स और ब्लैंकेट्स का निर्माण करती है। हेंडलूम प्रमोशन काउंसिल की ओर से पिछले चार साल से लगातार निर्यात के लिए गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जा रहा है। कंपनी का निर्यात राजस्व 18.54 करोड़ से ज्यादा है। कंपनी की स्थापना 1976 में हुई।
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सी लाल इलेक्ट्रीकल्स एंड मैकेनिकल्स को लाइट इंजीनियरिंग की लघु श्रेणी के तहत बेस्ट एमएसएमई का अवार्ड दिया गया। कंपनी के चेयरमैन राजिंदर नाथ ने अवार्ड ग्रहण किया। यह अंबाला सिटी की एक लघु श्रेणी की इकाई है, जो गोपी ब्रांड नाम से फूड मिक्सर, ग्राइंडर और जूसर बनाती है। सी लाल इलेक्ट्रीकल्स एंड मैकेनिकल्स के चेयरमैन राजिंदर नाथ जी मिक्सी मैन के नाम से जाने जाते हैं। सन 1966 में उन्होंने देश को पहली स्वदेशी इलेक्ट्रिक मिक्सी दी। इसकी स्थापना 1963 में हुई।
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आईएजी ऑटोमेशन पंचकूला लाइट इंजीनियरिंग की लघु श्रेणी के तहत संयुक्त पुरस्कार बेस्ट एमएसएमई के लिए दिया गया। कंपनी के एमडी दीपक विष्ट ने अवार्ड ग्रहण किया। यह पंचकूला की लघु श्रेणी की इकाई है, जो 100 से ज्यादा इंडस्ट्रीज को ऑटोमेशन पैनल्स मुहैया करा रही हैं। आईएजी ऑटोमेशन कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर दीपक बिष्ट ने एचएमटी पिंजौर में बतौर मैनेजमेंट ट्रेनी काम करने के बाद सीमन्स कंपनी ने ऑफर दिया पंचकूला में यूनिट लगाने का।
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न्यूमैन कंपोनेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को मेटल वर्क्स की मध्यम श्रेणी के तहत बेस्ट एमएसएमई का अवार्ड दिया गया है। कंपनी की ओर से वाइस प्रेसिडेंट लव मल्होत्रा ने अवार्ड ग्रहण किया। यह फरीदाबाद की मध्यम श्रेणी की इकाई है, जो ऑटोमोबाइल पार्ट्स और कंज्यूमर आउट्पुट्स के लिए जानी जाती है। कंपनी की स्थापना 2002 में हुई। यह 460 लोगों को रोजगार दे रही है। पिछले वित्त वर्ष में कुल आय 79.12 करोड़ रही। कंपनी की ओर से वाइस प्रेसिडेंट लव मल्होत्रा यहां हमारे बीच उपस्थित हैं।
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चानना उद्योग को मेटल वर्क्स की सूक्ष्म श्रेणी के तहत बेस्ट एमएसएमई का अवार्ड दिया गया। यह यमुना नगर की सूक्ष्म श्रेणी की इकाई है, जो बरतन निर्माण से जुड़ी है। कंपनी की ओर से सुभाष चानना ने अवार्ड ग्रहण किया। कंपनी की स्थापना 1970 में हुई। यह 45 लोगों को रोजगार दे रही है। कंपनी अपने उत्पादन के एक बड़े हिस्से का निर्यात कर देश के लिए विदेशी मुद्रा अर्जित करती है। पिछले वित्तवर्ष में कंपनी का राजस्व 6 करोड़ 34 लाख से अधिक रहा।
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ओएसएम प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमटेड को मेटल वर्क्स की लघु श्रेणी के तहत बेस्ट एमएसएमई का अवार्ड दिया गया। यह फरीदाबाद की लघु श्रेणी की इकाई है, जो एश हेंडलिंग, फ्यूल हेंडलिंग सिस्टम और बेग हाउस आदि बनाती है। इसकी स्थापना वर्ष 2004 में हुई। यह अब 660 लोगों को रोजगार दे रही है। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी की कुल आय 37.34 करोड़ रही और निर्यात राजस्व 20 करोड़ रहा।
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गोल्डन केमटेक लि. को मेटल वर्क्स की लघु श्रेणी के तहत बेस्ट एमएसएमई का अवार्ड दिया गया। कंपनी के डायरेक्टर मानव गुप्ता ने अवार्ड ग्रहण किया। यह पंचकूला की लघु श्रेणी की इकाई है, यह सभी प्रकार के एडहेसिव बनाती है। कंपनी की स्थापना 1995 में हुई। यह 186 लोगों को रोजगार दे रही है। पिछले वित्तवर्ष में कंपनी 32 करोड़ से ज्यादा निर्यात राजस्व अर्जित किया। कंपनी के डायरेक्टर सतीश गुप्ता और एजीएम गुलशन खुराना मौजूद रहे।
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जेडी होइस्टस एंड क्रेन्स प्रा. लि. को मेटल वर्क्स की लघु श्रेणी के तहत बेस्ट एमएसएमई का अवार्ड दिया गया। कंपनी की ओर से इसके एमडी सुभाष ग्रोवर ने अवार्ड ग्रहण किया। यह बहादुरगढ़ की लघु श्रेणी की इकाई है।
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शिव दयाल सूद एंड संस को साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स की लघु श्रेणी के तहत बेस्ट एमएसएमई का अवार्ड दिया गया। यह अंबाला कैंट की लघु श्रेणी की इकाई है, जो साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट और लेबोरेटरी इक्वीपमेंट का निर्माण करती है। निर्यात के क्षेत्र में अपने खास योगदान के लिए जानी जाती है। इसकी स्थापना 1943 में हुई। यह 241 लोगों को रोजगार दे रही है। पिछले वित्तवर्ष में कंपनी का निर्यात 23 करोड़ से ज्यादा रहा।
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क्रिस्टल फार्मास्युटिकल्स को साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स की लघु श्रेणी के तहत ज्वाइंट पुरस्कार बेस्ट एमएसएमई के लिए दिया गया है। कंपनी के एमडी टीसी कंसल ने अवार्ड ग्रहण किया। यह अंबाला की लघु श्रेणी की इकाई है, जो इंजेक्शन, ड्राई इंजेक्शन, टेबलेट्स और कैप्सूल तैयार करती है। कंपनी को एमएसएमई में आउटस्टैंडिंग एंटरप्रेन्योर के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसकी स्थापना 1976 में हुई। यह 96 लोगों को रोजगार दे रही है, जिनमें 28 महिलाएं हैं।
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जंबो बास्केट टेक्नोलॉजिज प्रा. लि. को बेस्ट स्टार्ट अप्स का अवार्ड दिया गया है। यह ऑनलाइन कंपनी चंडीगढ़ की पिछले ही वर्ष शुरू हुई इकाई है। तीन दोस्तों आशीष चंदर बाली, भुवन वढेरा और विक्रम निझावन के मन में एक नया आइडिया आया और जंबो बास्केट की नींव पड़ी। आइडिया यह था कि ई-कमर्स कंपनी के वापस होने वाले सामान को खरीद कर उसे छोटे ट्रेडर्स तक पहुंचाया जाए। कंपनी छह महीने में डेढ़ करोड़ से ज्यादा कारोबार कर चुकी है।
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कृष्णा ट्रांसलेशन को बेस्ट स्टार्ट अप्स का अवार्ड दिया गया है। चंडीगढ़
की यह कंपनी हाल ही में पंजीकृत हुई है। कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव नितिन
गोयल ने अवार्ड ग्रहण किया। यह 1500 लोगों को रोजगार दे रही है। इनमें 800
महिलाएं शामिल हैं। इसका ऑनलाइन कारोबार डेढ़ सौ देशों में पहला है और
दुनिया की 200 से ज्यादा भाषाओं में अनुवाद का कार्य करती है। पिछले वित्त
वर्ष में कंपनी ने 67 लाख 70 हजार का निर्यात राजस्व अर्जित किया। कंपनी
के चीफ एग्जीक्यूटिव नितिन गोयल यहां हमारे बीच मौजूद हैं।
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भवानी इंटरप्राइजेस को टिंबर/वुड्स की लघु श्रेणी के तहत बेस्ट एमएसएमई का अवार्ड दिया गया। कंपनी के डायरेक्टर संदीप बंसल ने अवार्ड ग्रहण किया। यह यमुनानगर की लघु श्रेणी की इकाई है, जो प्लाइवुड तैयार करती है। कंपनी की स्थापना 1996 में हुई। यह 41 लोगों को रोजगार दे रही है। कंपनी की कुल आय 61 लाख रुपये है। कंपनी के डायरेक्टर अमरनाथ बंसल सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते हैं। अब तक 300 से ज्यादा गरीब और जरूरतमंद लड़कियों की शादियां करवा चुके हैं।
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गोल्ड लेमिनेट्स को टिंबर/वुड्स की लघु श्रेणी के तहत ज्वाइंट अवार्ड बेस्ट एमएसएमई का अवार्ड दिया गया है। यहां कंपनी के एमडी आईडी कंबोज ने अवार्ड ग्रहण किया। यह यमुनानगर की लघु श्रेणी की इकाई है, जो सनमाइका बनाती है। कंपनी की स्थापना 1992 में हुई। यह 36 लोगों को रोजगार दे रही है। कंपनी निर्यात के लिए जानी जाती है। पिछले वित्त वर्ष में निर्यात राजस्व 1 करोड़ 85 लाख से अधिक रहा। यहां कंपनी के एमडी आईडी कंबोज यहां हमारे बीच उपस्थित हैं।
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अमरटेक्स इंडस्ट्रीज लि. को बेस्ट एमएसएमई फार कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी का स्पेशल अवार्ड दिया गया। कंपनी के सीएमडी अरुण ग्रोवर ने अवार्ड ग्रहण किया। यह पंचकूला की लघु श्रेणी की इकाई है। इस कंपनी की नींव वर्ष 1988 में अरुण ग्रोवर ने रखी। उनका विजन सिर्फ इंडस्ट्री की स्थापना ही नहीं था बल्कि इसके माध्यम से 2020 तक करीब दस हजार लोगों को रोजगार देना था। कंपनी अपने इस लक्ष्य के अब लगभग करीब हैं। यह 1500 लोगों को प्रत्यक्ष और करीब पांच हजार लोगों को परोक्षरूप से रोजगार दे रही है।
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दादा ब्वायज को मन इंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर का अवार्ड दिया गया। यह पंचकूला की लघु श्रेणी की इकाई है, जो कार्पोरेट और हाउसहोल्ड के लिए इंटरियर पार्ट्स तैयार करती है। कंपनी की प्रोपराइटर श्वेता गुलाटी ने अवार्ड ग्रहण किया। दादा ब्वायज की शुरुआत वर्ष 2003 में की गई। यह कंपनी मार्टिंस की एनसीलिरी यूनिट है। इसका उद्देश्य महिला वर्करों को तैयार करना रहा। अब इस कंपनी में महिला वर्कर वोडाफोन, आइडिया, हीरो कार्प जैसे नामी ब्रांड के लिए कारपोरेट फर्नीचर तैयार करती हैं।
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बिमल एल्युमीनियम प्रा. लि. को बेस्ट ग्रीन एमएसएमई ऑफ द ईयर का अवार्ड दिया गया। कंपनी के प्रोपराइटर राजेश कुमार ने अवार्ड ग्रहण किया है। यह यमुनानगर की मध्यम श्रेणी की इकाई है, जो एल्युमीनियम के मिल्क केन बनाती है। कंपनी एनर्जी सेविंग और पर्यावरण सुधार के प्रयास के लिए जानी जाती है। कंपनी ने अपने 105 केवी का सोलर पेनल प्लांट स्थापित किया है और यह आम लोगों को भी सोलर एनर्जी के प्रति जागरूक कर रही है। कंपनी की स्थापना 1994 में हुई। यह 72 लोगों को रोजगार दे रही है।
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जगदंबा कटलरी प्रा. लि. को मोस्ट टेक्नोसेवी एमएसएमई ऑफ द ईयर का अवार्ड दिया गया है। यह सोनीपत की लघु श्रेणी की इकाई है।
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नैनो ब्राउजर प्रा. लि. को मोस्ट इनोवेटिव एमएसएमई ऑफ द ईयर का अवार्ड दिया गया। कंपनी की ओर से ध्रुव पांडव ने अवार्ड ग्रहण किया। यह पंचकूला की एक ऑनलाइन कंपनी है, इसने नैनो ब्राउजर के नाम से कई खूबियों वाला फ्री इंटरनेट ब्राउजर बनाया है। इसके माध्यम से डिजिटल इंडिया के हर व्यक्ति तक पहुंचा बनती है। भारतीयों की प्राइवेसी और इंटरनेट सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कंपनी के सीईओ ध्रुव पांडेय को इसे बनाने का आइडिया आया।
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यमुनानगर के प्रकाश अलोय उद्योग विशेष ज्यूरी अवार्ड दिया गया। कंपनी के डायरेक्टर तरुण गोयल ने अवार्ड ग्रहण किया।
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पंचकूला की टेक्मैन इंटरप्राइजेज को विशेष ज्यूरी अवार्ड दिया गया। कंपनी की ओर से रोहित अग्रवाल ने अवार्ड ग्रहण किया।