मैं उस पिता की बेटी हूं, जिन्होंने कभी बेटी और बेटे में फर्क नहीं किया। उन्होंने तो मेरी मां को एक अंकुर से पालकर वृक्ष बनाया। आज मैं गर्व से कहती हूं कि मेरी मां मशहूर पंजाबी लोक गायिका सुरेंद्र कौर का दुनिया में जो नाम चलता है, वो मेरे पिता की ही देन है। मां आज जिंदा होतीं तो 90 बरस की होतीं।