फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राम मंदिर शिलान्यास: पाकिस्तान के पवित्र जल का होगा उपयोग, भगवान शिव से जुड़ा है महत्व, पढ़ें- खास बातें

Tue, 28 Jul 2020 09:31 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, यमुनानगर (हरियाणा)
विज्ञापन
1 of 5
फाइल फोटो - फोटो : Social Media
अयोध्या में बनने वाले भव्य राम मंदिर निर्माण पूजन में पाकिस्तान की भी भागीदारी होगी। श्री राम मंदिर निर्माण के लिए देश की विभिन्न नदियों का जल एकत्रित किया जा रहा है। वहीं धरती के दूसरे नेत्र महाभारतकालीन ऐतिहासिक कटासराज तीर्थ के श्रीअमर कुंड का जल भी पूजा के लिए अयोध्या भेजा गया। ताकि यह पवित्र जल श्रीराम मंदिर के निर्माण कार्य में प्रयोग किया जा सके। यह मंदिर पाकिस्तान में स्थित है।
विज्ञापन

2 of 5
कटासराज तीर्थ - फोटो : सोशल मीडिया
सनातन धर्म सभा उत्तरी भारत अध्यक्ष और भाजपा नेता शिवप्रताप बजाज ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय के मार्गदर्शन पर यह पवित्र जल उन्हें सौंप दिया जाएगा। ताकि अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण में यह जल प्रयोग किया जा सके। उन्होंने बताया कि अमरकुंड तीर्थ स्थल वह स्थान है, जहां धर्मराज युधिष्टिर व परिंदे के रूप में ऋषि यक्षराज का ऐतिहासिक संवाद हुआ था।
विज्ञापन

3 of 5
कटासराज तीर्थ - फोटो : twitter
इसके अलावा माता पार्वती के स्वर्ग सिधारने के बाद भगवान शिव के विलाप से यह सरोवर व राजस्थान के पुष्कर राजजी का सरोवर आंसुओं से भर गया था। तभी से ये दोनो सरोवर धरती के नेत्र माने जाते है। इनका पवित्र जल राम मंदिर के पावन कार्य में प्रयोग होना ही चाहिए। वहीं, दक्षिण एशिया के देश कंबोडिया की कुलेन नदी का पवित्र जल भी हरियाणा के यमुनानगर के रास्ते अयोध्या पहुंचेगा।

4 of 5
कुरुक्षेत्र स्थित ब्रह्म सरोवर।
वहां से लाया गया जल बैराज पर पहुंचे संतों को दिया है। यह जल आरएसएस की ओर से दिसंबर 2019 में कंबोडिया में 5वें धाम की स्थापना के कार्यक्रम में शामिल होने गए सोमप्रकाश ने दिया। तब वे श्री राम मंदिर निर्माण के लिए यह पवित्र जल लेकर आए थे। बता दें कि इसके अलावा भगवान श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण में हरियाणा की भी भागीदारी होगी। यहां के संत समाज ने हथिनीकुंड बैराज और सरस्वती नदी का पवित्र जल लेकर अयोध्या जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कटास राज मंदिर का जल अयोध्या ले जाते पदाधिकारी।
वहीं मंदिर निर्माण की पूजा अर्चना में गीता स्थली पवित्र भूमि ज्योतिसर की मिट्टी की महक भी आएगी। इस भूमि पूजन कार्यक्रम में ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर, सरस्वती नदी का जल और सरस्वती तीर्थ पिहोवा की मिट्टी को शामिल किया जाएगा। यह धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र के लिए एक सौभाग्य की बात है कि विश्व प्रसिद्ध धरोहर राम जन्मभूमि मंदिर के पूजन में कुरुक्षेत्र के तीर्थों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें