स्कूल में एक कार्यक्रम के दौरान दूध पीने से 55 बच्चे समेत 75 लोग मौत की कगार पर पहुंच गए। मामला पंजाब के बठिंडा के रामपुरा फूल का है। यहां निर्धन बच्चों को शिक्षा देने के लिए एक मंदिर की ओर से चलाए जा रहे स्कूल के समागम में दूध पीने को दिया गया था। सभी को गंभीर हालत में रामपुरा फूल के सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
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दूध पीने से 75 लोग अस्पताल में, आखिर ऐसा क्यों? देखिए
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बच्चों के बीमार होने की जानकारी मिलते ही शहर में हड़कंप मच गया। ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने स्वास्थ्य विभाग को सभी का उपचार मुफ्त करने की हिदायत दी है। स्थानीय लाला राम सिंह वाला मंदिर में जय शिव शक्ति मां वैष्णो विद्या मंदिर चलाया जा रहा है। इस स्कूल में झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाती है।
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रविवार को स्कूल का पहला वार्षिक कार्यक्रम था। प्रबंधकों की ओर से कार्यक्रम के बाद बच्चों और बाकी लोगों को फल और दूध दिया गया था। जब बच्चे अपने घर लौटे तो उन्हें उल्टी और दस्त लग गए। बच्चों की हालात बिगड़ने लगी। कई बेहोश हो गए। कार्यक्रम में मौजूद नगर काउंसिल के अध्यक्ष सुनील बिट्टा की तबीयत भी यह दूध पीने के कारण बिगड़ गई थी।
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बच्चों की तबीयत खराब होने की जानकारी मिलते ही सहारा क्लब के सदस्यों और काउंसिल अध्यक्ष बिट्टा ने विभिन्न वाहनों से बच्चों और अन्य लोगों को सरकारी अस्पताल पहुंचाया।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएमओ डॉ. अमरीक सिंह संधू ने सभी सरकारी डॉक्टरों के बुला लिया। डॉक्टरों के अनुसार शायद दूध के खराब होने के कारण ही लोग बीमार हुए हैं।
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स्कूल प्रबंधक अरुण बंसल, यशपाल ढींगरा और अशोक मित्तल ने बताया कि मंदिर द्वारा निशुल्क स्कूल चलाया जा रहा है। रविवार के समागम में बच्चों को रिफ्रेशमेंट देने के लिए गांधी नगर की एक डेयरी से 80 किलो दूध लिया गया था। शायद ज्यादा गर्मी के कारण दूध खराब हो गया होगा। बीमार बच्चों और बड़ों के उपचार में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।