आपके पासपोर्ट से जुड़े एक खास नियम के बारे में पता चला है, जिसके बार में शायद ही लोगों को पता है। देखिए ये जानकारी आपके बड़े काम की है।
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इंडियन पासपोर्ट
दरअसल, अगर आप पासपोर्ट री-इश्यू कराना चाहता है तो उसके लिए आधार कार्ड की आवश्यकता नही है। फार्म भरकर अपना पुराना पासपोर्ट, पासपोर्ट कार्यालय में जमा कराएं, तय समय में पासपोर्ट रीन्यू होकर घर पहुंच जाएगा। अगर पासपोर्ट में दर्ज नाम या पते में कोई बदलाव कराना है तो आधार कार्ड देना होगा।
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पासपोर्ट ऑफिस
कृष्णकुमार, रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर बताते हैं कि विदेश मंत्रालय ने साल 2017 की शुरुआत में नया पासपोर्ट बनाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया था। लेकिन लोगों को इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं है, कुछ लोग अभी भी इस आदेश से अनजान हैं। इसलिए एजेंट इसका फायदा उठा लेते हैं और नुकसान होता है।
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पासपोर्ट
अधिकारी ने बताया कि अमृतसर के रीजनल पासपोर्ट ऑफिस में मुक्तसर साहिब, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, अमृतसर और तरनतारन 6 जिले के लोग पासपोर्ट बनवाने आते हैं, लेकिन देखने में आया कि उन्हें आधार कार्ड को लेकर जानकारी ही नहीं है। इसलिए ऑफिस की तरफ से इसके लिए उन्हें जागरूक किया जा रहा है।
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पासपोर्ट
इसके अलावा जान लीजिए कि अब पासपोर्ट बनवाने के लिए कुछ डोक्यूमेंट चाहिएं और ऑनलाइन आवेदन कीजिए। प्रोसेस शुरू होगा, 3 दिन में अप्वाइंटमेंट और 7 दिन में पासपोर्ट हाथ में होगा। तीन डॉक्यूमेंट्स में आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड और पैन कार्ड की कॉपी शामिल हैं। इसके अलावा फॉर्मैट एनेक्सचर-1 के साथ एक ऐफिडेविट (नागरिकता की घोषणा, फैमिली डिटेल्स और किसी क्रिमिनल बैकग्राउंड नहीं होना) है।
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पासपोर्ट
पासपोर्ट फॉर्म के अनुलग्नकों का नंबर 15 से घटाकर 9 कर दिया गया है। इसलिए अब 9 तरह के मामलों में एनेक्सचर देना होगा। एनेक्सचर ए, सी, डी, ई और के को हटा दिया गया है और कुछ को मर्ज कर दिया गया है। ऐसे में डोक्यूमेंट्स की संख्या अब कम हो गई है। अब 8 साल से कम और 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को पासपोर्ट फीस में 10 फीसदी की छूट दी जाएगी। पासपोर्ट बनवाने के लिए सरकारी कर्मचारी अपना सर्विस रिकॉर्ड, पेंशन रिकॉर्ड भी दे सकते हैं।
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indian passport
पासपोर्ट बनवाने के लिए अब सरकारी कर्मचारी को सिर्फ खुद का घोषणापत्र देना होगा। ऑनलाइन आवेदन करने वाला अब एक ही अभिभावक या कानूनी अभिभावक का नाम दे सकता है। इससे सिंगल पैरेंट के होते हुए भी बच्चे का पासपोर्ट बनवाने में मदद मिलेगी। पहले आवेदन में पिता का नाम देना अनिवार्य था, अब यह जरूरी नहीं है। अब इसका सिर्फ प्लेन पेपर पर प्रिंट लिया जा सकता है। इस दस्तावेज को अब सेल्फ अटेस्ट भी किया जा सकता है।
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passport
पासपोर्ट बनवाने के लिए अब शादीशुदा लोगों को विवाह प्रमाणपत्र देने की जरूरत नहीं होगी। जिनका तलाक हो चुका है, उन्हें भी तलाक के दस्तावेज नहीं देनें होंगे। इसके साथ ही पति या पत्नी का नाम देना भी जरूरी नहीं होगा। अनाथ बच्चों को भी पासपोर्ट बनवाने के लिए जन्म प्रमाणपत्र देने से छूट मिल गई है। अब अनाथालय या चाइल्ड केयर होम के प्रमुख का घोषणापत्र देने से ही काम चल जाएगा। गोद लिए बच्चे के लिए रजिस्टर्ड प्रमाणपत्र देने की जरूरत नहीं है।
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पासपोर्ट बनवाना अब और आसान
- फोटो : File Photo
पहले पासपोर्ट बनवाने में पहले कम से कम एक महीने का वक्त लगता था। पुलिस वेरिफिकेशन में सबसे ज्यादा समय जाया होता था। अब लोकल पासपोर्ट सेवा केंद्र के जरिए इसे आसानी से बनवाया जा सकता है। अब पासपोर्ट जारी होने के बाद पुलिस वेरिफिकेशन होगा। सेवा के लिए कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा। पासपोर्ट केंद्र आधार नंबर की वैधता की जांच अब ऑनलाइन करेगा।
इसके अलावा वोटर आईडी कार्ड और पैन कार्ड की जांच की भी जरूरत पड़ी तो इससे संबंधित डेटाबेस के जरिए की जाएगी। यह सब प्रक्रिया पासपोर्ट के लिए आवेदन अप्रूव होने के पहले ही संपन्न की जाएगी। यदि पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक दस्तावेज के उलट कुछ पाया जाता है तो पासपोर्ट रद्द कर दिया जाएगा।