लाभ सिंह उगोके की मां
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अपनी जीत पर सुनाया था यह किस्सा
लाभ सिंह ने अपनी जीत पर एक पुराना किस्सा साझा किया था। उन्होंने कहा था कि वह सिस्टम बदलने की लड़ाई लड़ रहे हैं, किसी भी कीमत में अपना जमीर नहीं बदल सकते हैं, क्योंकि कुल्लियों वालों की लड़ाई महलों वालों से थी लेकिन भदौड़ के जुझारू लोग पूंजीपति चन्नी को भारी बहुमत से मात देकर 1952 वाला इतिहास दोहराया है।