फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक आम आदमी से मुख्यमंत्री बने अरविंद केजरीवाल के बारे में 10 ऐसी बातें, शायद ही कोई जानता हो

Thu, 16 Aug 2018 05:23 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिवानी(हरियाणा)
विज्ञापन
1 of 9
अरविंद केजरीवाल
एक आम आदमी से मुख्यमंत्री बने अरविंद केजरीवाल 49 साल के हो गए हैं। जानिए 'आप' को बनाने वाले इस शख्स के बारे में 10 ऐसी बातें, जिन्हें शायद ही कोई जानता हो।
विज्ञापन

2 of 9
अरविंद केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल का जन्म 16 अगस्त 1968 को हरियाणा के सिवानी में हुआ था। इनके पिता गोबिंद राम केजरीवाल इंजीनियर थे और गोविंद राम जिंदल स्ट्रिप्स में बतौर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर काम करते थे। एक साधारण परिवार के मुखिया गोविंद राम के तीन बेटे और बेटियां हैं। इनकी मां का नाम गीता देवी थी।
विज्ञापन

3 of 9
अरविंद केजरीवाल
केजरीवाल का बचपन सोनीपत, गाजियाबाद और हिसार में बीता। वहीं एक बात बहुत कम लोगों को पता है कि अरविंद केजरीवाल ने अपनी प्राथमिक शिक्षा मिशनरीज स्कूल में पूरी की है। मिशनरीज स्कूल में पढ़ाई के कारण बचपन से ही उनका चर्च में प्रार्थना करने के प्रति काफी लगाव रहा है। वैसे उनके घर में हिंदू रीति रिवाज से पूजा पाठ भी किया जाता था।

4 of 9
अरविंद केजरीवाल
केजरीवाल ने आईआईटी खड़गपुर से मेकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री ली और 1989 में टाटा स्टील में काम किया। उसके बाद वे 1992 में भारतीय राजस्व सेवा में शामिल हुए। वे मदर टेरेसा के मिशनरीज ऑफ चैरिटी, रामकृष्ण मिशन और नेहरू युवा केन्द्र से भी जुड़े रहे हैं। 2006 में जब वे आयकर विभाग में संयुक्त आयुक्त थे तब उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ दी।
विज्ञापन

5 of 9
अरविंद केजरीवाल
1993 में मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान उनकी मुलाकात अपनी साथी आईआरएस अधिकारी सुनीता से हुई। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद केजरीवाल की पोस्टिंग दिल्ली में हुई और उन्होंने इसी दौरान सुनीता से शादी कर ली। उनका एक बेटा पुलकित और एक बेटी हर्षिता है। केजरीवाल ने 'स्वराज' नामक एक पुस्तक भी लिखी है।
विज्ञापन

6 of 9
अरविंद केजरीवाल
केजरीवाल को शतरंज और किताबों का काफी शौक था। उनके हाथ में एक पेंसिल और स्केच बुक हमेशा रहती थी। उन्हें स्केचिंग का इतना शौक था कि वे जो भी चीज देखते उसका चित्र बना देते थे। अब वह चाहे पेड़ हो, इमारत हो, कोई जानवर या कमरे में या किसी भी जगह पर रखी हुई कोई चीज।
विज्ञापन

7 of 9
अरविंद केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
अरविंद केजरीवाल ने संयुक्त आयुक्त के पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग छेड़ दी थी। साल 2000 में अरविन्द केजरीवाल ने एक एनजीओ 'परिवर्तन' की स्थापना की। केजरीवाल ने सामाजिक और आरटीआई कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई। सूचना के अधिकार को लागू कराने में केजरीवाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

8 of 9
अरविंद केजरीवाल
आरटीआई एक्ट के लिए 2006 में केजरीवाल को रमन मैगसेसेय अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और समाजसेवी अन्ना हजारे के संपर्क में आए। इसके बाद उन्होंने लोकपाल बिल के लिए जंग शुरू की। 2012 में राजनीतिक पार्टी की शुरुआत की और आम आदमी पार्टी का गठन किया।
विज्ञापन

9 of 9
अरविंद केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के गठन से किरण बेदी और अन्ना हजारे उनसे नाराज हो गए, पर केजरीवाल ने हार नहीं मानी। उन्होंने 2013 में शिला दीक्षित के खिलाफ में चुनाव लड़ा और उन्हें 25864 वोटों से हराया। वे मुख्यमंत्री बने, लेकिन  49 दिन बार उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया। 2015 में केजरीवाल ने दोबारा चुनाव लड़ा और 14 फरवरी 2015 को दूसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बने।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें