हादसे में मारे गए तीन दोस्तों में से दो का पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया, जबकि तीसरे का संस्कार आज होगा। माहौल गमगीन था। गौर हो कि पंचकूला सेक्टर-7 के अनीश गर्ग और पंचकूला एमडीसी-5 के करण शर्मा का अंतिम संस्कार मनीमाजरा स्थित श्मशान घाट में किया गया। दोनों के परिजनों का मौके पर रो रोकर बुरा हाल था।
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तस्वीरें: एक साथ जली दोस्तों की चिता, मां-बहन बेहोश
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मां हम निकल पड़े हैं, जल्द ही घर आ रहे हैं...पेक फेस्ट से लौटते वक्त बेटे करण शर्मा के यह शब्द उसकी मां के कानों में अब तक गूंज रहे हैं। आधे घंटे में मां की आशाएं, अरमान सभी उजड़ गए। उनको खबर मिली कि बेटे करण की मौत हो गई है। अचानक विश्वास ही नहीं हुआ, हाथ-पैर सुन्न हो गए। वह कभी बिलखती हैं तो कभी अवाक रह जाती हैं।
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एमडीसी सेक्टर-5 में रहने वाले करण शर्मा स्पोर्ट्समैन थे। उन्हें क्रिकेट खेलने और मैच देखने का शौक था। उनके पिता हैफेड पंचकूला सेक्टर-5 में नौकरी करते हैं। दो भाइयों में करण सबसे छोटा और मां का दुलारा था। 12वीं पास करने के बाद करण का इरादा विदेश में पढ़ाई करने का था, माता-पिता और खुद की मेहनत से उसका वीजा भी लग गया था। जनवरी में उसे जाना था।
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सेक्टर-10 में हमेशा खुशियों से भरे चिन्मय वालिया के घर में मातम छाया था। मां बिलख रही थी, भाई के आंसू थम नहीं रहे थे। पिता अवाक थे और घर के पड़ोस से लगातार डॉग जैंगो की आवाज गूंज रही थी। जैंगो को इंतजार था चिन्मय कब आएंगे और उनको सैर करवाने ले जाएंगे। चिन्मय को पशुओं से बेहद लगाव था, वह डॉग जैंगो को रोजाना सैर करवाने ले जाता था।
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सेक्टर-10 निवासी चिन्मय वालिया ने इसी साल चंडीगढ़ सेक्टर-26 के इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लिया था। चिन्मय को घर में सभी चीनू के नाम से पुकारते थे। उनकी मां सेक्टर-32 में एक बैंक में नौकरी करती हैं और पिता कानपुर में एक बैंक में नौकरी करते हैं। बड़ी बहन एमबीए करने के बाद अमेरिका चली गई। छोटी बहन चितकारा कॉलेज की स्टूडेंट है।
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एक ओर मां रो रही थी और दूसरी ओर बहन चीख-चीखकर कह रही थी...अंश प्लीज उठ, तुझे शर्म नहीं आती...ऐसे लेटा है, देख मां रो रही है....इतना कहते हुए अंश की बहन भाई के शव के साथ लिपट गई। पड़ोसी भी अंश की मौत पर रो पड़े। अंश यानी अनीश गर्ग की मां के लिए इससे बड़ा सदमा क्या होगा कि पहले पति की मौत और उसके बाद जवान बेटे की मौत।
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सेक्टर-7 में रहने वाले अनीश गर्ग की उम्र करीब 18 साल थी। अनीश की एक बड़ी बहन है। अनीष चितकारा यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग प्रथम वर्ष का स्टूडेंट था। दो वर्ष की उम्र में पिता का निधन हो गया था। उनके घर में मां और बड़ी बहन है। यह परिवार सेक्टर-7 में एक किराये के मकान में रहता है। अनीश को पढ़ने का शौक था। वह पढ़-लिखकर कुछ बनना चाहता था।
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घटना स्थल की जांच के दौरान कार में लगने वाले करीब एक दर्जन नए नट-बोल्ट बरामद हुए हैं। पुलिस अनुसार कही युवक के कार में पहले से कोई गड़बड़ी तो नहीं थी। वह कार के चक्कों को जाम करने वाले नट-बोल्ट नजर आ रहे थे। क्या टायर फटने की वजह उसमें पहले से कोई गड़बड़ी तो नहीं थी।
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पुलिस के अनुसार हादसे में घायल गौरव व आदित्य को पीजीआई भर्ती करवाया गया था। वहां से परिजन गौरव को लेकर मोहाली के फोर्टिज अस्पताल में लेकर गए। जबकि, पीजीआई में आदित्य की हालत खतरे से बाहर बताई गई। पुलिस के जांच अधिकारी के अनुसार पिलहाल, दोनों की हालत कंट्रोल में बनी है।
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श्मशान घाट में पंचकूला सेक्टर-7 के अनीश गर्ग के अंतिम संस्कार के दौरान अनीश की मां, बड़ी बहन और दोस्तों ने उसे नम आंखों से विदाई दी। अंतिम संस्कार के वक्त मौजूद परिजनों व अन्य लोगों के आंसू थम नहीं रहे थे। अंतिम संस्कार के वक्त अनीश की बहन चिता के नजदीक बैठकर विलाप करती रही। अनीश की बहन ने कहा कि यह तो सिर्फ एक सपना है।