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कालका-शिमला ट्रैक के 114 साल, महात्मा गांधी से खास कनेक्शन, 10 अनसुने राज

Fri, 10 Nov 2017 09:02 AM IST
सौरव यादव/अमर उजाला, कालका(पंचकूला)
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toy train Shimla
खूबसूरत घाटियों से होता हुआ कालका से शिमला जाने वाला हेरीटेज ट्रैक 114 साल का हो गया। इसका महात्मा गांधी से खास कनेक्शन है, पढ़ें वो राज जिन्हें जानता नहीं कोई।
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कालका-शिमला ट्रैक
102 पुल और चार मंजिला स्टोन आर्च पुल व मनमोहक घाटियों से गुजरने वाला कालका-शिमला रेलमार्ग आज 114 साल का हो गया। इस रेल मार्ग को 10 जुलाई 2008 को यूनेस्को ने विश्व धरोहर में शामिल किया था। इसकी शुरुआत 9 नवंबर 1903 को हुई थी। इसकी लंबाई लगभग 96 किलोमीटर है।
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विश्व धरोहर कालका-शिमला ट्रैक - फोटो : अमर उजाला
खास बात ये कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी इस कालका-शिमला रेलमार्ग से 1921 में यात्रा की थी। समरहिल स्थित राजकुमारी अमृतकौर का घर भी महात्मा गांधी की शिमला यात्राओं का साक्षी है। वहीं यह ट्रैक सैलानियों को खास पसंद है, क्योंकि जब घुमावदार पहाड़ों के बीच से टॉय ट्रेन गुजरती है तो नजारा अद्भुत होता है।

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टॉय ट्रेन, कालका टू शिमला - फोटो : ‌file photo
हर साल हजारों सैलानी गर्मी के मौसम में इस रेल मार्ग से ही शिमला में ठंडक का आनंद लेने और सर्दियों में पहाड़ों में बिछी बर्फ की चादर का नजारा देखने जाते हैं। इन सैलानियों में देसी नहीं, बल्कि विदेशी भी होते हैं। बच्चों से लेकर नवदंपति भी होते हैं, जो हनीमून में इसका मजा जरूर लेते हैं।
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toy train
रेल सूत्रों के अनुसार, इस रेलमार्ग पर सामान्य सीजन में लगभग डेढ़ हजार यात्री सफर करते हैं, जबकि पीक सीजन में यह आंकड़ा दोगुना हो जाता है। डीआरएम अंबाला दिनेश कुमार शर्मा ने कहा कि विश्व धरोहर में शामिल इस रेलमार्ग पर सुरक्षा और सुविधाओं को बढ़ाने के और प्रयास किए जाएंगे। 
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टॉय ट्रेन
कल्पा में बना था प्लान
अंग्रेजों ने हिमाचल के किन्नौर जिले के कल्पा में इस रेल ट्रैक को बनाने का प्लान बनाया था। पहले यह रेल ट्रैक कालका से किन्नौर तक पहुंचाया जाना था, लेकिन बाद में इसे शिमला लाकर पूरा किया गया।
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टॉय ट्रेन - फोटो : फाइल फोटो
दिल्ली-अंबाला कंपनी ने बनाया था ट्रैक
ब्रिटिश शासन की ग्रीष्मकालीन राजधानी शिमला को कालका से जोड़ने के लिए वर्ष 1896 में दिल्ली-अंबाला कंपनी को इस रेलमार्ग के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। समुद्र तल से 656 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कालका (हरियाणा) रेलवे स्टेशन को छोड़ने के बाद ट्रेन शिवालिक की पहाड़ियों के घुमावदार रास्ते से गुजरते हुए 2,076 मीटर ऊपर स्थित शिमला तक जाती है।

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टॉय ट्रेन
कर्नल बड़ोग ने कर ली थी आत्महत्या
अंग्रेजों ने इस रेल ट्रैक पर जब काम शुरू किया तो बड़ोग में एक बड़ी पहाड़ी की वजह से ट्रैक को आगे ले जाने में दिक्कते आने लगीं। एक बार तो हालात यह बन गए कि अंग्रेजों ने इस ट्रैक को शिमला तक पहुंचाने का काम बीच में ही छोड़ने का मन बना लिया था। इस वजह से ट्रैक का काम देख रहे कर्नल बड़ोग ने निराश होकर आत्महत्या कर ली थी। उन्हीं के नाम पर आज बड़ोग स्टेशन का नाम रखा गया है।

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कालका-शिमला ट्रैक
कालका-शिमला ट्रैक ने फिल्मों को क्रेजी किया
बॉलीवुड की बात करें तो 1960 में शम्मी कपूर की फिल्म ब्वॉय फ्रेंड का गाना मुझको अपना बना लो... कालका शिमला रेल पर शूट हुआ था। सन 2000 में आई प्रीति जिंटा की फिल्म क्या कहना में भी कालका-शिमला रेल और उसके कुछ स्टेशनों की छवि देखी जा सकती है। इसी तरह अनेक नाटकों की शूटिंग भी कालका-शिमला रेलमार्ग साक्षी रहा है।
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कालका-शिमला ट्रैक
वर्तमान में छह ट्रेनों का हो रहा संचालन
सुबह 3:30 बजे 52457 पैसेंजर, सुबह 5 बजे 72451 रेल कार , सुबह 5:20 बजे 52451 शिवालिक डिलक्स, सुबह 6:00 बजे 52453 मेल एक्सप्रेस, सुबह 8:30 बजे अप-मिक्स, दोपहर 12:10 बजे 52455 हिमालयन एक्सप्रेस।
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