वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने बैंक खातों को आधार से लिंक करने के लिए 31 दिसंबर तक की समय सीमा तय की है। लेकिन इसके साथ ही कुछ खाताधारकों को ऐसा करने से छूट दी है। रिजर्व बैंक के इस नियम से ढील देने से लाखों लोगों को फायदा होने की उम्मीद है।
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आरबीआई ने जारी किया था स्पष्टीकरण
रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि बैंक खाते को बायोमीट्रिक पहचान संख्या आधार से जोड़ना अनिवार्य है। रिजर्व बैंक ने कहा है कि 1 जून, 2017 को सरकारी गजट में प्रकाशित प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग रूल्स, 2017 के अनुसार बैंक खाते को आधार से साथ जोड़ना जरूरी है। ये नियम वैधानिक हैं, इसलिए बैंकों को उन्हें लागू करने से पहले किसी तरह के निर्देश की जरूरत नहीं है।
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बैंक में खाता खोलने के लिए आधार अनिवार्य
मालूम हो कि सरकार ने इस साल जून में बैंक खाता खोलने के लिए और 50 हजार रुपये से ज्यादा के लेन-देन के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया है। मौजूदा खाताधारकों को इसके लिए 31 दिसंबर, 2017 तक का समय दिया गया है। इसके बाद जो खाते आधार से लिंक नहीं होंगे, उन्हें बंद कर दिया जाएगा।
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जनधन और बेसिक बैंक खातों को छूट
हालांकि आरबीआई ने कुछ लोगों को ऐसा करने से छूट दे दी है। इनमें जनधन योजना और बेसिक सेविंग खाता खुलवाएं लोग शामिल हैं। इन खातों को दो साल तक चलाया जा सकता है और किसी प्रकार का आईडी प्रूफ देने की भी जरूरत नहीं है।
इनमें होना चाहिए इतना ट्रांजेक्शन
इन बेसिक खातों में एक वित्तीय वर्ष में 1 लाख रुपये से अधिक का लेनदेन नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही एक महीने में 10 हजार रुपये तक का ट्रांसफर और विथड्रॉल होना चाहिए। इन बेसिक खातों में बैलेंस 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए।