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आर्थिक रूप से होना है आत्मनिर्भर, तो ये आठ फैसले लेना महिलाओं के लिए है बेहद जरूरी

Mon, 08 Mar 2021 02:31 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ये फैसले लेना महिलाओं के लिए है बेहद जरूरी - फोटो : pixabay
अलग-अलग क्षेत्रों में महिलाओं ने नई ऊंचाईयां छुई हैं। खेल की बात करें या कारोबार व राजनीति की, महिलाओं ने सभी क्षेत्रों में अहम भूमिका निभाई है। लेकिन एक क्षेत्र ऐसा है जहां महिलाओं की एक बड़ी संख्या थोड़ी पीछे है और वो है आर्थिक स्वतंत्रता। आज हम आपको आठ ऐसे महत्वपूर्ण फैसलों के बारे में बताने जा रहे हैं जो महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने के लिए जरूर करने चाहिए। इनके माध्यम से महिलाएं खुद अपना फंड बनाने में सक्षम होंगी।
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स्वयं लें अपने आर्थिक फैसले - फोटो : pixabay
स्वयं लें अपने आर्थिक फैसले
ज्यादातर महिलाएं अपने आर्थिक फैसलों के लिए दूसरों पर निर्भर रहती है, क्योंकि उनमें वित्तीय मामलों की जानकारी रखने और खुद फैसले करने को लेकर संकोच रहता है। इसलिए अब सक्षम बनें और अधिक से अधिक वित्तीय अखबार एवं किताबें पढ़ें। पैसों से जुड़े मामलों के बारे में अपने माता-पिता, जीवनसाथी या फिर वित्तीय सलाहकारों से भी खुलकर बात करें और मन में कोई भी सवाल हो तो पूछने में शर्म ना करें। इससे आपमें आर्थिक फैसले खुद से लेने का आत्मविश्वास पैदा होगा।
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संकट से जूझने के लिए अपने पास रखें इमरजेंसी फंड  - फोटो : pixabay
संकट से जूझने के लिए अपने पास रखें इमरजेंसी फंड 
संकट से जूझने के लिए महिलाओं को हमेशा बचत कर इमरजेंसी फंड के तौर पर अपने पास राशि रखनी चाहिए। आर्थिक संकट से जूझने में ये फंड आपकी मदद कर सकता है। अगर आपके जीवन में कुछ बुरा हो जाता है, जैसे अगर आपकी नौकरी छूट जाती है, या आप बीमार हो जाते हैं, तो ये फंड आपके काम आ सकता है। इससे आपकी लोन चुकाने की क्षमता प्रभावित नहीं होगी। 

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बेहद महत्वपूर्ण है बीमा  - फोटो : pixabay
बेहद महत्वपूर्ण है बीमा 
महिलाओं के लिए उत्तम बीमा योजना होना बेहद महत्वपूर्ण है, विशेष तौर पर जब आप पेंशन पर निर्भर हों। अचानक कोई बीमारी बड़ी आर्थिक तबाही ला सकती है। इसलिए समय रहते बीमा कवर ले लेना सदैव बेहतर है। गंभीर बीमारी की हालत में चिकित्सा खर्च में मदद के लिए स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदें। इसके साथ ही गंभीर बीमारियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सालाना स्वास्थ्य जांच और अन्य जांच कराएं, जिससे उनका समय रहते इलाज हो सके। आपका परिवार अपने भविष्य के लक्ष्य जैसे कि बच्चे की उच्च शिक्षा, शादी, रिटायरमेंट आदि के लिए निवेश को जारी रख सकेगा। टर्म इंश्योरेंस में आपको एक काफी बड़ा बीमा कवर मिलता है, वो भी बेहद कम प्रीमियम पर।
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रिटायरमेंट प्लानिंग भी है जरूरी - फोटो : pixabay
रिटायरमेंट प्लानिंग भी है जरूरी
नौकरी करते समय हम मकान, गाड़ी खरीदने और बच्चों की पढ़ाई या शादी के लिए ही पूंजी जुटाने में व्यस्त रहते हैं और खुद के लिए योजना बनाने का समय ही नहीं मिलता। लिहाजा आपको यह समझना होगा कि रिटायरमेंट पूंजी जमा करना भी अन्य लक्ष्यों जितना महत्वपूर्ण है। अगर इसमें देरी होती है तो पर्याप्त पूंजी एकत्र करना संभव नहीं होगा और रिटायरमेंट के बाद आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ सकता है। इस लक्ष्य के लिए जितनी जल्दी हो सके अपने निवेश की शुरुआत कर दें। रिटायरमेंट प्लानिंग एक लंबी प्रक्रिया है जिसमें आपको एक खाका तैयार करना चाहिए। इससे आपको रिटायरमेंट के बाद अपनी जिंदगी के खर्चों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
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ज्यादा डिस्काउंट के चक्कर में न उलझें - फोटो : pixabay
ज्यादा डिस्काउंट के चक्कर में न उलझें
कई दुकानें और वेबसाइट्स डिस्काउंट का प्रलोभन देती हैं। इनसे हम आपको बचने की सलाह देते हैं। डिस्काउंट दो तरह से मिलता है। पहला कैश डिस्काउंट और दूसरा परसेंटेज डिस्काउंट। इलेक्ट्रोनिक प्रोडक्टस पर कंपनियां कैश डिस्काउंट देती हैं। यह डिस्काउंट एमआरपी पर मिलता है। डीलर्स के हिसाब से डिस्काउंट अलग-अलग होता है। इसलिए कुछ भी खरीदने से पहले इस पर गौर कर लें। इससे आप काफी अच्छी बचत कर सकते हैं। 
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समय पर शुरू करें निवेश  - फोटो : pixabay
समय पर शुरू करें निवेश 
कई महिलाएं निवेश के बारे में नहीं सोचती हैं और इस कारण वो कीमती समय निकल जाता है जिसमें किया गया निवेश काफी अच्छे रिटर्न दे सकता था। जितनी जल्दी निवेश शुरू किया जाए, ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है। वैसे तो भारत में लगभग हर किसी ने निवेश कर रखा है, लेकिन कुछ महिलाएं अब भी हैं जो कोई प्लानिंग नहीं करती हैं। उनका पैसा बैंक में ही जमा रहता है। ऐसे में अगर वो किसी इंश्योरेंस पॉलिसी में निवेश करते हैं, तो उनको अपने जरूरी खर्च निकालने के साथ-साथ पॉलिसी का प्रीमियम देने में कोई दिक्कत नहीं होगी। 

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ज्यादा रिटर्न देने वाले विकल्पों में लगाएं पैसा - फोटो : pixabay
ज्यादा रिटर्न देने वाले विकल्पों में लगाएं पैसा
अगर आप सिर्फ एफडी या पीपीएफ जैसे पारंपरिक निवेश विकल्पों में निवेश करते हैं, तो आपको रिटर्न भी एक ही तरह का मिलता है। लेकिन आपको सिर्फ एक तरीके के निवेश विकल्पों से हटकर तेजी से रिटर्न देने वाले विकल्पों में पैसा लगाना चाहिए। म्यूचुअल फंड में एसआईपी के जरिए पैसा लगाते हैं, तो आपको काफी फायदा होगा।
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क्रेडिट स्कोर बनाएं - फोटो : pixabay
क्रेडिट स्कोर बनाएं
लोन किसी इंसान की क्रेडिट क्षमता के आधार पर मिलता है। क्रेडिट इनफॉर्मेशन ब्यूरो इंडिया लिमिटेड (सिबिल) आपको 300 से 900 अंकों के बीच एक स्कोर प्रदान करता है। ये इस आधार पर तय होता है कि आपका पहले का क्रेडिट कार्ड उपयोग कितना है, आप अपना बैंक अकाउंट कैसे रखते हैं, कोई चेक तो बाउंस नहीं हुआ है, मौजूदा लोन, बिना इंश्योरेंस के मौजूदा लोन, लोन के रीपेमेंट और आपने कितनी बार लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन दिया है। जिन लोगों को सिबिल स्कोर 700 से ज्यादा होता है उन्हें लोन आसानी से मिल जाता है। 
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