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खुशखबर: सरकार ने दिया तोहफा, नौकरी करने वालों को मिलेगा सात लाख रुपये का इंश्योरेंस कवर

Sun, 09 May 2021 03:14 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ईडीएलआई योजना - फोटो : pixabay
जनता के बोझ को कम करने के लिए मोदी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने एम्प्लॉई डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम, 1976 (EDLI Scheme) के तहत दी जाने वाली बीमा राशि की सीमा बढ़ा दी है। इस सरकारी योजना के तहत अब बीमा राशि की सीमा सात लाख रुपये कर दी गई है। आइए जानते हैं इसके बारे में।
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EPFO - फोटो : पीटीआई
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने सब्सक्राइबर्स या मेंबर एम्प्लॉई को जीवन बीमा की सुविधा भी देता है। ईपीएफओ के सभी सब्सक्राइबर एम्प्लॉई डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम 1976 के तहत कवर होते हैं। अब इंश्योरेंस कवर की धनराशि अधिकतम सात लाख रुपये हो गई है। जबकि पहले यह छह लाख रुपये थी। 



 
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ईडीएलआई योजना - फोटो : pixabay
श्रम मंत्री संतोष गंगवार की अध्यक्षता वाला ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) ने नौ सितंबर 2020 को डिजिटल तरीके से आयोजित बैठक में ईडीएलआई योजना के तहत अधिकतम बीमा राशि बढ़ाकर 7 लाख रुपये करने का निर्णय किया था। गंगवार ने कहा कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 28 अप्रैल को ईडीएलआई योजना के तहत अधिकतम बीमा राशि बढ़ाकर सात लाख रुपये करने के फैसले को लागू करने के लिये अधिसूचना जारी की थी। श्रम सचिव अपूर्व चंद्रा ने कहा कि अधिकतम बीमा राशि अधिसूचना की तारीख से लागू होगी।

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ईडीएलआई योजना - फोटो : pixabay
इतनी है न्यूनतम बीमा राशि
न्यूनतम बीमा राशि की बात करें, तो 14 फरवरी 2020 के बाद न्यूनतम बीमा राशि 2.5 लाख रुपये बरकरार रखने का भी निर्णय किया गया था। न्यूनतम बीमा राशि 2.5 लाख रुपये पूर्व की तिथि 15 फरवरी 2020 से लागू होगी। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 15 फरवरी 2018 को एक अधिसूचना के जरिए ईडीएलआई के तहत न्यूनतम बीमा राशि बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दिया था। यह वृद्धि दो साल के लिए की गई थी। इसकी अवधि 15 फरवरी 2020 को समाप्त हो गई।
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ईडीएलआई योजना - फोटो : pixabay
इस संशोधन का मकसद योजना से जुड़े उन सदस्यों के परिवार और आश्रितों को राहत प्रदान करना है जिनका सेवा में रहते दुर्भाग्यपूर्ण निधन हो जाता है। मार्च 2020 में हुई बैठक में ईपीएफओ न्यासियों ने न्यूनतम 2.5 लाख रुपये का निश्चित लाभ उस मृतक कर्मचारी के परिवार के सदस्यों को देने की सिफारिश की, जिनका निधन सेवा के दौरान हो जाता है।
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