बता दें कि परामर्श देने वाली कंपनी इंस्टिट्यूशनल इंवेस्टर एडवाइजरी सर्विसेज इंडिया ने इन 500 कंपनियों के पिछले वित्त वर्ष के परिणाम का अध्ययन कर यह निष्कर्ष निकाला है। कंपनी ने पिछले साल की रिपोर्ट में 92 कंपनियों की पहचान की थी जो 34 हजार करोड़ रुपये लाभांश दे सकती थीं।