बैंक ने कहा कि लेनदारों के पास कोष की सीमांत लागत की दर (एमसीएलआर) से जुड़े कर्ज और बाहरी मानक आधारित दर से जुड़े कर्ज लेने का विकल्प होगा। इलाहाबाद बैंक ने कहा कि वह 40 लाख और उससे ऊपर के सभी बैंक बचत जमा को भी एक अक्टूबर 2019 से बाहरी मानक दर से जोड़ेगा।