प्रतीकात्मक तस्वीर
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मुकेश (बदला हुआ नाम) को डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां जांच के बाद पता चला कि उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी, उसे कंडक्ट डिसऑर्डर था। मनोविशेषज्ञों के मुताबिक, इस डिसऑर्डर में बच्चे काफी उदास-उदास से रहते हैं और उन्हें दूसरे लोगों को चोट पहुंचा कर खुशी मिलती है। उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं होता कि उनके ऐसा करने से दूसरों पर क्या प्रभाव पड़ता है। अब पुलिस भारी उलझन में पड़ गई, क्योंकि मुकेश ने तीन-तीन कत्ल किए थे, लेकिन वो अभी नाबालिग था और भारतीय कानून के हिसाब से नाबालिग को सजा नहीं मिलती है।