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अजब-गजब: 4.5 महीने में पैदा हुए बच्चे की नहीं थी बचने की उम्मीद, तमाम मुश्किलों को पार कर मनाया जन्मदिन

Tue, 22 Jun 2021 06:23 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दुनिया का सबसे प्रीमैच्योर बच्चा - फोटो : Guinness World Records
जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय यानी जिसे ईश्वर बचाना चाहे, तो उसका मौत भी कुछ नहीं बिगाड़ सकती है। इस बात को एक बच्चे ने सही साबित किया है। इस बच्चे का जब जन्म हुआ, तो इसके बचने की उम्मीद ना के बराबर थी। लेकिन इसकी किस्मत में जीना लिखा था। आज ये बच्चा अपने जीवन में आने वाली हर बाधा को पार कर 1 साल 17 दिन का हो गया है।
 
दरअसल, अमेरिका के मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस शहर में पिछले साल जून में एक प्रीमैच्योर बच्चे का जन्म हुआ था। ये दुनिया का ऐसा पहला बच्चा था, जो सबसे कम समय अपनी मां के कोख में रहा। रिचर्ड स्कॉट विलियम हचिंसन नामक ये बच्चा जन्म के समय मात्र 340 ग्राम का था। इन सभी परिस्थितियों को देखकर डॉक्टर्स ने इसके बचने की संभवना बिलकुल ना के बराबर बताई थी। लेकिन रिचर्ड को जीना था और बीते 5 जून को ये पूरे 1 साल का हो गया। रिचर्ड ने 5 जून को अपना पहला जन्मदिन भी मनाया।
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दुनिया का सबसे प्रीमैच्योर बच्चा - फोटो : Guinness World Records
बता दें कि रिचर्ड का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जीवित बचे दुनिया के सबसे प्रीमैच्योर बेबी के तौर पर दर्ज है। फिलहाल रिचर्ड के माता-पिता काफी खुश हैं। क्योंकि इस बच्चे ने सभी शारीरिक बाधाओं को पार कर लिया है और अब वो अन्य बच्चों की तरह सामान्य और स्वस्थ है।
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दुनिया का सबसे प्रीमैच्योर बच्चा - फोटो : सोशल मीडिया
गिनीज बुक के मुताबिक, जन्म के समय रिचर्ड का शरीर इतना छोटा था कि वो अपने माता-पिता की एक हथेली में समा जाता था। रिचर्ड के माता-पिता का कहना है कि हमें आश्चर्य और खुशी है कि मेरे बच्चे ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। आज रिचर्ड की कहानी पूरी दुनिया जान रही है।

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दुनिया का सबसे प्रीमैच्योर बच्चा - फोटो : Guinness World Records
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस ने बढ़ा दी थी मुश्किलें
रिचर्ड का जन्म तो वैसे ही बहुत कम समय में हुआ था, लेकिन दुनियाभर में फैली कोरोना वायरस महामारी ने मुश्किलों को और बढ़ा दिया। कोरोना वायरस से लगे प्रतिबंधों के कारण रिचर्ड के माता-पिता को बच्चे के साथ अस्पताल में रुकने की अनुमति नहीं थी। ऐसे में रिचर्ड के माता-पिता अपने बच्चे से मिलने रोजाना सेंट क्रिक्स काउंटी से मिनियोपोलिस की अस्पताल  में आते थे।
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दुनिया का सबसे प्रीमैच्योर बच्चा - फोटो : सोशल मीडिया
6 महीने अस्पताल में रहने के बाद दिसंबर 2020 में  रिचर्ड को घर जाने की अनुमति दी गई थी। हाल ही में 5 जून को पूरे परिवार ने रिचर्ड का जन्मदिन बहुत धूमधाम से मनाया।
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