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World Wildlife Day 2021: आखिर क्यों मनाया जाता है ये खास दिवस? जानिए कैसे हुई थी इसकी शुरुआत

Wed, 03 Mar 2021 09:55 AM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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World Wildlife Day 2021 - फोटो : Pixabay
दुनियाभर में लुप्त हो रही वनस्पतियों और जीव-जंतुओं की प्रजातियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 3 मार्च को विश्व वन्यजीव दिवस यानी वर्ल्ड वाइल्डलाइफ डे मनाया जाता है। इस खास दिवस पर दुनियाभर की सरकारें वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए कई तरह के जागरूकता अभियान आोजित करती हैं। वहीं संयुक्त राष्ट्र महासभा हर साल अलग-अलग थीम से इस खास दिवस को मनाता है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस खास दिवस के मौके पर ट्वीट कर वन्यजीवों के संरक्षण के लिए काम करने वाले लोगों की सराहना की।

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World Wildlife Day 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
कैसे हुई इस खास दिवस की शुरुआत?
दुनियाभर से लुप्त हो रहे जंगली फल-फूलों के अंतरराष्ट्रीय ट्रेड को प्रतिबंधित करने के लिए 3 मार्च 1973 को यूनाइटेड नेशंस के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर हुए थे। इस खास दिन की याद में 20 दिसंबर 2013 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 63वें सत्र में तय हुआ कि हर साल 3 मार्च को वर्ल्ड वाइल्डलाइफ डे मनाया जाएगा। 3 मार्च 2014 को पहला विश्व वन्यजीव दिवस मनाया गया।
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World Wildlife Day 2021 - फोटो : Pixabay
विश्व वन्यजीव दिवस की थीम
संयुक्त राष्ट्र महासभा के द्वारा इस साल विश्व वन्यजीव दिवस की थीम 'वन और आजीविका: लोगों और ग्रह को बनाए रखना' है। बता दें कि पिछले साल 2020 में विश्व वन्यजीव दिवस की थीम 'पृथ्वी पर जीवन कायम रखना' रखी गई थी। वहीं इससे पहले साल 2019 में 'पानी के नीचे जीवन: लोगों और ग्रह के लिए' की थीम पर वाइल्डलाइफ डे का आयोजन हुआ था।

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World Wildlife Day 2021 - फोटो : Pixabay
  • आपको बता दें कि पशुओं और पौधों की करीब 10 लाख से भी अधिक प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर हैं। इस पर नजर रखने वाली संस्था IPBES के मुताबिक, इंसानों के इतिहास में ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं बनी है।
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World Wildlife Day 2021 - फोटो : Pixabay
  • अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी के अध्ययन के मुताबिक, 6 करोड़ वर्ष पहले जब इंसान नहीं थे, तब के मुकाबले आज 1,000 गुना ज्यादा तेजी से प्रजातियों की संख्या घट रही है। इस रिपोर्ट का कहना है कि फिलहाल जो कुछ भी रह गया है, उसे बचाने के लिए तुरंत कदम उठाने की आवश्यकता है।
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World Wildlife Day 2021 - फोटो : Pixabay
  • वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड (WWF) की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि ताजे पानी में रहने वाले जानवरों की नस्लों में सबसे तेजी से कमी हुई है। साल 1974 से लेकर 2018 के बीच करीब 84 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
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