प्रतीकात्मक तस्वीर
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आयरलैंड के प्राचीन इतिहास के प्रोफेसर और 'रिवर ऑफ बेलफास्ट: ए हिस्ट्री' के लेखक डेस ओ राइली कहते हैं कि शहर के व्यापारिक केंद्र हाई स्ट्रीट में अगर आज किसी से इस नदी के बारे में पूछा जाए, तो हो सकता है कोई भी इसका जवाब ना दे पाए। आज लोग ये भूल चुके हैं कि बेलफास्ट को शहर की शक्ल में पनपने का मौका फारसेट नदी ने ही दिया था।
आज जहां शहर के बड़े दौलतमंद इलाके हाई स्ट्रीट और विक्टोरिया स्ट्रीट आबाद हैं, वहां कभी रिवर लगान और फारसेट नदी का मुहाना होता था। आज यहां मशहूर सेंट जॉर्ज चर्च है। लेकिन ये चर्च भी एक प्राचीन गिरजाघर की जगह पर बनाया गया है। बताया जाता है कि आठ सौ साल पहले श्रद्धालु यहां प्रार्थना करने आते थे। उनकी ख्वाहिश होती थी कि वो फारसेट नदी सुरक्षित तौर पर पार कर लें। चूंकि इस नदी के मुहाने पर अक्सर दलदली मिट्टी जमा रहती थी और पानी का उफान तेज रहता था। जब पानी की लहरें कमजोर पड़ती थीं, तभी इसमें नावें दौड़ाई जाती थीं।