ओमाहा नेब्रास्का की रहने वाली 'गैरी फ्लिंट' का 16 साल बेटा 2014 में एक रोड एक्सीडेंट में मारा गया था। 16 साल के बेटे का नाम 'पेटन कैस्टील' था। 3 सालों बाद मां ने मदर्स डे के दिन अपने बेटे की धड़कन को पहली बार सुना। चलिए बताते हैं पूरा किस्सा क्या है।
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- फोटो : dailymail
दरअसल रोड एक्सीडेंट में मारे गए बेेटे का दिल किसी और शख्स में प्रत्यारोपित किया गया था। 3 साल से उसका दिल 64 साल के एक बुजुर्ग इंसान में सुरक्षित धड़क रहा था।
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नेब्रास्का के एक मेडिकल सेंटर में उसकी मां ने पहली बार अपने बेटे के दिल की धड़कनों को सुना जो किसी और के दिल में धड़क रहा था। 21 मई 2014 को एक्सीडेंट में मारा गया बेटा पूरी तरह से जख्मी हो गया था। उसके दिल को सुरक्षित निकाला गया और प्रिजर्व करके रखा गया था।
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उसी बीच फ्लिंट नाम के 64 साल के इंसान को दिल की जरूरत थी, क्योंकि वो दिल की समस्याओं सन 2007 से ही जूझ रहा था। दरअसल उसे 'हॉर्ट इंनलार्जमेंट' की समस्या थी। 64 साल का वो बुजुर्ग तकरीबन मरने के कगार पर था।
जब 16 साल के बेटे का दिल उस बुजुर्ग के दिल में प्रत्यारोपित किया गया, उसे नया जीवन मिला। डेली मेल की एक रिपोर्ट के अनुुसार उस बुजुर्ग ने बताया कि उसका जन्मदिन 27 फरवरी को आता है, लेकिन उसे 23 मई को नया जीवन मिला इसलिए अब वो अपने दो जन्मदिन मनाएगा। मां ने कहा कि मैं अपने बेटे को हरदम जीवित रखना चाहती हूं, उसके दिल की धड़कने मैं अभी तक सुन रही हूं।