रोमानिया का तानाशाह निकोलय चाचेस्कू
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घर की खिड़कियां खुली रखने का हुक्मएक रोमानियाई महिला कार्मेन बुगान के पिता चाचेस्कू के विरोधियों में से थे। खुफिया पुलिस सिक्योरिटेट ने 10 मार्च, 1982 को उनके गांव के घर छापा मारा और अगले पांच सालों तक परिवार ने जो कुछ किया, उस पर नजर रखी और घर के अंदर बोले गए उनके एक-एक शब्द को रिकॉर्ड किया। कार्मेन बुगान ने बीबीसी को बताया, "जब मैं स्कूल से वापस आई तो मैंने देखा कि मेरा पूरा घर पुलिस वालों से भरा हुआ था। वो मेरे पूरे घर में खुफिया माइक्रोफोन लगा रहे थे। वो मेरे माता-पिता की सिगरेट पी रहे थे और बिना पूछे अपने लिए कॉफी बना रहे थे। उस समय मुझे पता नहीं था, लेकिन बाद में मुझे पता चला कि मेरे पिता ने अपनी कार से बुखारेस्ट में चाचेस्कू के खिलाफ पर्चे बांटे थे। मेरे पिता उस समय अंडरग्राउंड थे और मेरी मां अस्पताल में थीं। वो मेरे घर का सारा खाना ले गए और मुझे तीन हफ्तों तक सिर्फ पानी पर ही जिंदा रहना पड़ा।"
कार्मेन कहती हैं, "हमें आदेश दिया गया था कि चाहे जितनी ठंड हो, हम अपने घर की खिड़कियां हमेशा खुली रखें, ताकि वो हम पर नजर रख सकें। जब मैं स्कूल जाती थी तो एक खुफिया एजेंट मेरे पीछे चलता था। मुझे उसका ब्राउन कोट और कैप अभी तक याद है। वो स्कूल छूटने तक गेट पर ही मेरा इंतजार करता था।"