ईदी अमीन
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एशियाइयों को निकालने की सलाह मिली थी कर्नल गद्दाफी से
शुरू में अमीन की इस घोषणा को एशियाई लोगों ने गंभीरता से नहीं लिया। उन्हें लगा कि अमीन ने अपने सनकपन में ये ऐलान कर दिया है। लेकिन थोड़े दिनों में उन्हें पता चल गया कि अमीन उन्हें अपने देश से बाहर कर देने के लिए उतारू हैं। वैसे तो बाद में अमीन ने कई बार स्वीकार किया कि ये फैसला लेने की सलाह अल्लाह ने उनके सपने में आ कर दी थी, लेकिन अमीन के शासन पर बहुचर्चित किताब 'गोस्ट ऑफ कंपाला' लिखने वाले जॉर्ज इवान स्मिथ लिखते है, 'इसकी प्रेरणा उन्हें लीबिया के तानाशाह कर्नल गद्दाफी से मिली थी, जिन्होंने उन्हें सलाह दी थी कि उनके देश पर उनकी पकड़ तभी मजबूत हो सकती है, जब वो उसकी अर्थव्यवस्था पर अपना पूरा नियंत्रण कर लें। उन्होंने उनसे कहा कि जिस तरह उन्होंने अपने देश में इटालियंस से पिंड छुड़ाया है, उसी तरह वो भी एशियाइयों से अपना पिंड छुड़ाएं।'
अमीन ने कहा, ''एशियाइयों ने अपने आप को युगांडावासियों से अलक-थलग कर लिया है और उन्होंने उनके साथ मिलने जुलने की कोई कोशिश नहीं की है। उनकी सबसे ज्यादा रुचि युगांडा को लूटने में रही है। उन्होंने गाय को दुहा तो है, लेकिन उसे घास खिलाने की तकलीफ गवारा नहीं की है।'