जेसिका के मुताबिक, मैं स्पर्म बैंक पहुंची और ऐसे डोनर के लिए स्पर्म की डिमांड की जो स्पोर्ट्स एक्टिविटी और रीडिंग में बेहतर हो। बैंक ने मेरी जरूरतों के मुताबिक स्पर्म उपलब्ध कराए और मैं मां बनी। बैंक के नियम के मुताबिक, कभी भी डोनर की पहचान नहीं जाहिर की जाती है, इसलिए मैं उस इंसान की पहचान से अंजान रही।