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अजब-गजब: नवरात्रि में प्याज और लहसुन क्यों नहीं खाया जाता? जानिए क्या है इसके पीछे का कारण

Sat, 09 Apr 2022 12:55 PM IST
ज्योति मेहरा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नवरात्रि में प्याज और लहसुन क्यों नहीं खाया जाता? - फोटो : istock
Onion Garlic in navratri: हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है। यू तो नवरात्रि एक साल में चार बार आते हैं, लेकिन चैत्र और शारदीय नवरात्रि को विशेष महत्व दिया जाता है। हिंदू नववर्ष की शुरुआत चैत्र नवरात्रि से मानी जाती है। आज नवरात्रि का आठवां दिन है। नवरात्रि में नौ दिनों तक लोग मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं और मां को प्रसन्न करने के लिए व्रत भी करते हैं। नौ दिनों तक किए जाने वाले इस नवरात्रि के उपवास में लोग फल, सब्जियां, कुट्टू आटा, साबूदाना और सेंधा नमक आदि खाते है। इसके साथ ही दो ऐसी चीज है, जिसे इस व्रत के दौरान नहीं खाया जाता। इसे खाने के लिए सख्त मनाही होती है। जी हां, आप सही सोच रहे हैं, ये प्याज और लहसुन ही है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नवरात्रि के दौरान प्याज और लहसुन क्यों नहीं खाया जाता है, आखिर इसके पीछे क्या वजह है। आइए आज आपको बताते हैं इसके पीछे का साइंटिफिक कारण क्या है। 
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नवरात्रि में प्याज और लहसुन क्यों नहीं खाया जाता? - फोटो : istock
तीन आधार पर बाटे गए खाद्य पदार्थ 
एक रिपोर्ट के मुताबिक, आयुर्वेद में खाद्य पदार्थों को उनकी प्रकृति और खाने से शरीर में होने वाले प्रभाव के आधार पर तीन श्रेणियों में, जिसमें सबसे पहला है राजसिक भोजन (Raajasic foods), दूसरा तामसिक भोजन (Taamasic foods) और तीसरा सात्विक भोजन (Saatvik foods) में बांटा गया है।
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नवरात्रि में प्याज और लहसुन क्यों नहीं खाया जाता? - फोटो : istock
नवरात्रि में व्रत के दौरान लोग केवल सात्विक भोजन ही ग्रहण करते हैं। हालांकि, इसके पीछे धार्मिक मान्यता के साथ-साथ एक वैज्ञानिक कारण भी है। दरअसल, हिंदू धर्म के धर्म गुरुओं ने कई नियम बेहद सोच समझ कर रखे हैं, जिसे अपनाने से हमें अप्रत्यक्ष रूप से फायदे मिलते हैं। 

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नवरात्रि में प्याज और लहसुन क्यों नहीं खाया जाता? - फोटो : istock
क्या है वैज्ञानिक कारण?
शरद नवरात्रि अक्टूबर या नवंबर के महीने में आती है, जबकि अक्टूबर-नवंबर के महीने में संक्रमण का खतरा सबसे अधिक होता है। मौसम में व्यापक बदलाव के चलते इस दौरान हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है।

इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस मौसम में सात्विक भोजन करने का नियम बनाया गया है। सात्विक भोजन खाने से आपके पाचन तंत्र को बेहद आराम मिलता है और शरीर की सभी अशुद्धियां भी साफ हो जाती हैं।
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नवरात्रि में प्याज और लहसुन क्यों नहीं खाया जाता? - फोटो : istock
व्रत में खाई जाती हैं ये चीजें
दरअसल, सात्विक शब्द सत्व शब्द से लिया गया है। इसका अर्थ शुद्ध, प्राकृतिक और ऊर्जावान है। वहीं सात्विक खाद्य पदार्थों की बात की जाए तो इसमें ताजे फल, दही, मौसमी सब्जियां, सेंधा नमक, धनिया और काली मिर्च आदि शामिल हैं। 
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नवरात्रि में प्याज और लहसुन क्यों नहीं खाया जाता? - फोटो : istock
व्रत में क्यों नहीं खाते प्याज और लहसुन 
वहीं बात करें प्याज और लहसुन की, तो इन्हें प्रकृति में तामसिक माना जाता है, जो शरीर में ऊर्जा का संचार करता है। इसके अलावा प्याज शरीर में गर्मी पैदा करता है। यही वजह है कि नवरात्रि के व्रत में ये खाने की सख्त मनाही है। 
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नवरात्रि में प्याज और लहसुन क्यों नहीं खाया जाता? - फोटो : istock
साथ ही लहसुन को रजोगिनी के रूप में जाना जाता है। इसका मतलब एक ऐसा पदार्थ, जो अपनी प्रवृत्ति पर पकड़ खो सकता है। माना जाता है इसे खाने से आपकी इच्छाओं और प्राथमिकताओं के बीच अंतर करना मुश्किल हो सकता है। कुल मिलाकर देखा जाए, तो इस तरह के भोजन से हमारे शरीर और मन पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है इसलिए नवरात्रि के दौरान प्याज और लहसुन नहीं खाया जाता है।  
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