प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
प्राचीन समय में भारतीय सिक्कों को कर्शपना, पना या पुराण कहा जाता था। छठी शताब्दी में इन सिक्कों को भारत के महाजनपद में बनाया जाता था। इसमें गांधार, कुटाला, कुरु, पांचाल, शाक्या, सुरसेना और सुराष्ट्र शामिल हैं। इन सिक्कों पर अलग-अलग चिह्न बने थे और इनका आकार भी अलग-अलग था। सुराष्ट्र में बने सिक्कों पर बैल का चिन्ह, दक्षिण पांचाल में बने सिक्कों पर स्वास्तिक और वहीं मगध के सिक्कों पर कई चिह्न बने होते थे।